उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath गुरुवार को उत्तराखंड पहुंचे जहां उनका स्वागत यमकेश्वर हेलीपैड पर किया गया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने स्वयं मौजूद रहकर उनका स्वागत किया। इस दौरे को राजनीतिक और धार्मिक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सीएम योगी अपने पैतृक गांव पंचूर भी जा रहे हैं। हेलीपैड पर हुई मुलाकात के बाद दोनों नेताओं के बीच कुछ औपचारिक बातचीत भी हुई। इस पूरे दौरे को लेकर सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाएं पहले से ही सख्त की गई थीं।
पैतृक गांव पंचूर की ओर बढ़ा काफिला
स्वागत के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ का काफिला उनके पैतृक गांव पंचूर के लिए रवाना हुआ। पंचूर उत्तराखंड के पौड़ी जिले के यमकेश्वर क्षेत्र में स्थित है और यही उनका जन्म स्थान भी है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री आज शाम तक अपने गांव पहुंच सकते हैं। गांव पहुंचने के बाद वे स्थानीय लोगों से मुलाकात भी कर सकते हैं। इस दौरे को लेकर ग्रामीणों में खास उत्साह देखा जा रहा है क्योंकि लंबे समय बाद राज्य के मुख्यमंत्री अपने पैतृक गांव लौटे हैं। प्रशासन ने गांव में भी सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए हैं ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

हरि विष्णु पंचदेव मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम
पंचूर गांव में स्थित हरि विष्णु पंचदेव मंदिर में इन दिनों भव्य धार्मिक आयोजन चल रहा है। इस मंदिर की स्थापना हाल ही में की गई है और यहां चार मई से आठ मई तक प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसी धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ अपने गांव पहुंचे हैं। इस आयोजन के समापन कार्यक्रम में भी उनकी उपस्थिति की संभावना है जो शुक्रवार को आयोजित होगा। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद हैं जो इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बन रहे हैं। यह धार्मिक कार्यक्रम क्षेत्र की आस्था और सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ा हुआ माना जा रहा है।
शनिवार को लौटेंगे उत्तर प्रदेश
सीएम योगी आदित्यनाथ का यह उत्तराखंड दौरा तीन दिनों का है। कार्यक्रम के अनुसार वे शनिवार को वापस उत्तर प्रदेश लौटेंगे। इस दौरान वे धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के साथ-साथ अपने पैतृक गांव में कुछ समय भी बिताएंगे। उनके इस दौरे को प्रशासनिक और भावनात्मक दोनों स्तर पर अहम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंधों को भी मजबूत करता है। गांव में उनके आगमन से स्थानीय लोगों में उत्साह और गर्व का माहौल देखा जा रहा है।

