पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। अकाली दल के साथ गठबंधन होगा या पार्टी अकेले चुनाव मैदान में उतरेगी इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। लेकिन बीजेपी के पंजाब प्रभारी डॉ सतीश पूनिया ने साफ संकेत दिया है कि पार्टी सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है। उनके इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है।
शनिवार को जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान सतीश पूनिया ने कहा कि अकाली दल के साथ समझौते पर फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। फिलहाल बीजेपी के कार्यकर्ता राज्य की सभी सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि पिछले चुनाव में अकाली दल के साथ गठबंधन के तहत बीजेपी को 23 सीटें मिली थीं। इस बार सीटों के बंटवारे पर चर्चा तभी होगी जब गठबंधन को लेकर बातचीत आगे बढ़ेगी।
सतीश पूनिया का मानना है कि पंजाब की जनता कांग्रेस अकाली दल और आम आदमी पार्टी को सरकार चलाने का मौका दे चुकी है। उनके मुताबिक इन दलों से लोगों को जो उम्मीदें थीं वे पूरी नहीं हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में मौजूदा सरकार के खिलाफ नाराजगी है और इसका फायदा बीजेपी को मिल सकता है।
बीजेपी ने पंजाब चुनाव के लिए तीन बड़े मुद्दों पर ध्यान देने की तैयारी की है। इनमें नशे की समस्या कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार शामिल हैं। पूनिया ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश से नशा खत्म करने का संकल्प लिया है और पंजाब के लोग भी इस मुद्दे पर बीजेपी से उम्मीद लगाए हुए हैं।
इस दौरान सतीश पूनिया ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और नेहरू गांधी परिवार पर भी निशाना साधा। रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी को लेकर उठे विवाद पर उन्होंने परिवार की राजनीतिक लॉन्चिंग पर तंज कसा। वहीं एक नवंबर को दिल्ली में विपक्षी दलों की प्रस्तावित रैली की तारीख पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस तारीख का सिख समुदाय के इतिहास से जुड़ा संवेदनशील महत्व है और कांग्रेस को इस पर विचार करना चाहिए।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि बीजेपी पंजाब में अकाली दल के साथ गठबंधन करती है या सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का फैसला लेती है। फिलहाल पार्टी ने दोनों विकल्पों के लिए रास्ता खुला रखा है।

