पंजाब प्रभारी बनने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सतीश पूनिया ने अपने पहले तीन दिवसीय संगठनात्मक दौरे के अंतिम दिन अमृतसर में पार्टी नेताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक की। दौरे में संगठन विस्तार, बूथ स्तर की तैयारियों और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर फोकस रहा।
अमृतसर पहुंचने पर हुआ जोरदार स्वागत
भाजपा के पंजाब प्रभारी एवं राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सतीश पूनिया बुधवार को अपने तीन दिवसीय पंजाब दौरे के अंतिम दिन अमृतसर पहुंचे। भाजपा कार्यालय पहुंचने पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने फूलों के गुलदस्ते भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
अमृतसर पहुंचने के बाद पूनिया ने स्थानीय नेताओं और संगठनात्मक पदाधिकारियों के साथ बैठक की।
बूथ स्तर की स्थिति पर लिया फीडबैक
बैठक में डॉ. पूनिया ने संगठन की जमीनी स्थिति, बूथ स्तर पर चल रही गतिविधियों और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर पदाधिकारियों से फीडबैक लिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक और मजबूत करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता केंद्र सरकार की नीतियों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। साथ ही संगठन की गतिविधियों को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
तीन शहरों में हुई संगठनात्मक बैठकें
पंजाब प्रभारी बनने के बाद डॉ. सतीश पूनिया का यह पहला संगठनात्मक दौरा है। अमृतसर से पहले उन्होंने चंडीगढ़ और जालंधर में भाजपा नेताओं एवं संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठकें कीं।
तीन दिवसीय दौरे के दौरान पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देना प्रमुख एजेंडा रहा।
धार्मिक स्थलों पर भी पहुंचे पूनिया
अमृतसर में स्वागत और संगठनात्मक बैठक के बाद डॉ. पूनिया ने श्री हरमंदिर साहिब, श्री दुर्गियाना तीर्थ और भगवान वाल्मीकि तीर्थ में माथा टेकने का कार्यक्रम रखा। उन्होंने धार्मिक स्थलों पर नमन कर आशीर्वाद लिया।
उनके धार्मिक स्थलों के दौरे को लेकर स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं में भी उत्साह देखने को मिला।
117 सीटों पर अकेले लड़ने की तैयारी?
पंजाब दौरे के दौरान डॉ. पूनिया ने भाजपा की आगामी चुनावी रणनीति को लेकर पार्टी का रुख भी स्पष्ट किया। उन्होंने संकेत दिए कि भाजपा पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।
अगर पार्टी इसी रणनीति के साथ आगे बढ़ती है तो आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा का संगठन विस्तार और बूथ स्तर की तैयारियां बेहद महत्वपूर्ण हो जाएंगी।
चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने पर फोकस
अमृतसर दौरे को भाजपा की चुनावी तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पार्टी का जोर बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय करने, कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपने और केंद्र सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने पर है।
तीन शहरों में हुई बैठकों के जरिए पार्टी नेतृत्व ने जमीनी फीडबैक लेने के साथ कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों के लिए सक्रिय करने का प्रयास किया है।

