बिहार कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रहे राम यश सिंह का सोमवार को लखनऊ में आकस्मिक निधन हो गया। वह 83 वर्ष के थे और 1985 बैच के अधिकारी रहे हैं। उनके निधन की सूचना से पुलिस और प्रशासनिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के साथ-साथ उनके सहयोगियों और परिचितों में भी गहरा दुख व्यक्त किया जा रहा है।
कई जिलों में संभाली थी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
अपने लंबे और सम्मानजनक करियर के दौरान राम यश सिंह ने बिहार के कई महत्वपूर्ण जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवाएं दीं। उन्होंने पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण और जहानाबाद जैसे संवेदनशील जिलों की कमान संभाली थी। उनकी कार्यशैली और कर्तव्यनिष्ठा के लिए उन्हें विशेष रूप से जाना जाता था। उत्कृष्ट सेवा के लिए उन्हें राष्ट्रपति वीरता पदक से भी सम्मानित किया गया था।

सेवानिवृत्ति के बाद भी जारी रही जनसेवा
सेवानिवृत्ति के बाद भी राम यश सिंह ने समाज सेवा को जारी रखा। उन्होंने पटना हाईकोर्ट में अधिवक्ता के रूप में कार्य करते हुए आम जनता को न्याय दिलाने में योगदान दिया। कानून के क्षेत्र में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही, जिससे वे समाज में एक सम्मानित व्यक्तित्व के रूप में स्थापित रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि
राम यश सिंह के निधन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। डीजीपी राजीव कृष्ण सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी उन्हें पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। पूरे पुलिस महकमे में उनके निधन को एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है।

