भोजपुर के भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर परिवार को आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है। मामले में जांच और कार्रवाई पहले से जारी है।
सीएम सम्राट चौधरी ने किया बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार, 13 अगस्त को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
इसके साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का भी निर्णय लिया गया है। सरकार के इस ऐलान को मामले में पीड़ित परिवार के लिए महत्वपूर्ण राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
जुलाई में मुख्यमंत्री से मिला था परिवार
भरत तिवारी के परिवार ने जुलाई में मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। 24 जुलाई को पटना में हुई इस मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया था।

परिवार की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग लगातार उठाई जाती रही है।
रिटायर्ड हाईकोर्ट जज कर रहे जांच
एनकाउंटर के बाद विवाद बढ़ने पर मुख्यमंत्री ने न्यायिक जांच कराने की घोषणा की थी। इसके बाद पटना हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त जज को जांच की जिम्मेदारी दी गई।
जांच के दौरान कई लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। अब अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद और नौकरी देने का फैसला किया है।
STF जवान की हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में कार्रवाई भी आगे बढ़ी है। पुलिस ने गोली चलाने वाले बताए जा रहे STF जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार किया है। यह मामले में पहली गिरफ्तारी थी।
इसके अलावा जगदीशपुर के SDM को भी पद से हटाया जा चुका है। जांच एजेंसियां मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
परिवार को मिला सरकारी भरोसा
एनकाउंटर मामले में सरकारी सहायता और नौकरी का ऐलान ऐसे समय हुआ है, जब न्यायिक जांच की प्रक्रिया अभी आगे बढ़ रही है। सरकार का कहना है कि अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया है।
अब निगाहें न्यायिक जांच की अंतिम रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली आगे की कार्रवाई पर रहेंगी।
जांच के निष्कर्ष पर टिकी नजर
भरत तिवारी एनकाउंटर मामला शुरू से ही सवालों के घेरे में रहा है। गिरफ्तारी, प्रशासनिक कार्रवाई और न्यायिक जांच के बाद अब सरकार के राहत पैकेज ने परिवार को तत्काल सहायता जरूर दी है।
लेकिन इस पूरे मामले में अंतिम तस्वीर न्यायिक जांच की रिपोर्ट और उसके आधार पर तय होने वाली जिम्मेदारी से ही साफ होगी। यही रिपोर्ट बताएगी कि घटना की परिस्थितियां क्या थीं और आगे किन लोगों पर कार्रवाई की जरूरत पड़ती है।

