रांची के जवाहर विद्या मंदिर, श्यामली में आयोजित ‘अभिज्ञान 2026’ अकादमिक प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की प्रतिभा और रचनात्मकता देखने को मिली। प्रदर्शनी में 2,000 से अधिक विद्यार्थियों ने 800 से ज्यादा मॉडल और क्रिएटिव प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। विज्ञान, हरित ऊर्जा से लेकर कला और सामाजिक जागरूकता तक, छात्रों ने अलग-अलग विषयों पर अपनी समझ और हुनर का प्रदर्शन किया।
विज्ञान और हरित ऊर्जा के मॉडल ने खींचा ध्यान
प्रदर्शनी में एलकेजी के बच्चों ने ‘ब्यूटी ऑफ सीजन्स’ थीम पर अपनी प्रस्तुति दी, जबकि यूकेजी के विद्यार्थियों ने भारतीय त्योहारों को अपने प्रोजेक्ट का हिस्सा बनाया।
कक्षा 1 और 2 के विद्यार्थियों ने पड़ोस, भोजन, जीव-जगत और प्रदूषण जैसे विषयों को मॉडल और रचनात्मक गतिविधियों के जरिए प्रस्तुत किया।
वहीं, कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थियों ने विज्ञान, गणित, हरित ऊर्जा और ‘फ्यूचर रांची 2040’ जैसे विषयों पर आकर्षक मॉडल तैयार किए। इन प्रोजेक्ट्स में बच्चों की वैज्ञानिक सोच के साथ भविष्य को लेकर उनकी कल्पनाशीलता भी नजर आई।
वेस्ट मटेरियल से दिखाई रचनात्मकता
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने वेस्ट मटेरियल का इस्तेमाल करके कई आकर्षक क्राफ्ट भी तैयार किए। पेंटिंग और लोककला से जुड़े प्रोजेक्ट्स के जरिए बच्चों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उनके व्यावहारिक ज्ञान, रचनात्मक सोच और समस्या समाधान की क्षमता को सामने लाना भी रहा।
कथक और नुक्कड़ नाटक ने बांधा समां
अकादमिक प्रदर्शनी के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने कथक नृत्य और स्वागत गीत की प्रस्तुति दी।
इसके अलावा नशा मुक्ति पर आधारित नुक्कड़ नाटक के जरिए विद्यार्थियों ने समाज को जागरूक करने का संदेश दिया। प्रस्तुति के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों और इससे दूर रहने की जरूरत को प्रभावी तरीके से सामने रखा गया।
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनोज कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
विशिष्ट अतिथियों में विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य अभय कुमार और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की प्रबंधिका इसलीन कौर मौजूद रहीं।
मौके पर विद्यालय के प्राचार्य बीएन झा, छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष एलएन पटनायक, कार्यक्रम समन्वयक सुष्मिता मिश्रा और प्रभाग प्रभारी अमींदर कौर सलूजा समेत विद्यालय के अन्य शिक्षक और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों के लिए सीख और प्रतिभा दिखाने का मंच
‘अभिज्ञान 2026’ ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर दिया। 800 से अधिक मॉडल और प्रोजेक्ट के जरिए बच्चों ने यह दिखाया कि शिक्षा केवल किताबों और कक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे प्रयोग, रचनात्मकता और वास्तविक जीवन की समस्याओं से जोड़कर भी सीखा जा सकता है।

