उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए मंगलवार का दिन उम्मीदों से भरा रहने वाला है। अयोध्या के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मानदेय बढ़ाने का ऐलान करेंगे। हजारों महिलाओं के लिए यह फैसला आर्थिक राहत के साथ उनके काम के सम्मान का भी संदेश माना जा रहा है।
मानदेय बढ़ने से मिलेगी राहत
योगी सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 4 हजार रुपये और सहायिकाओं के मानदेय में 2 हजार रुपये की बढ़ोतरी करने जा रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन से लेकर बच्चों और माताओं से जुड़े जरूरी कामों तक इन कर्मचारियों की भूमिका अहम रहती है। ऐसे में लंबे समय से मानदेय बढ़ने की उम्मीद कर रहीं महिलाओं के लिए यह घोषणा महत्वपूर्ण है।
71 हजार से अधिक नियुक्तियां
महिला एवं बाल कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्य के अनुसार, प्रदेश में 71,310 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भर्ती की गई है। इनमें 21,804 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 49,506 सहायिकाएं शामिल हैं। अयोध्या कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र भी सौंपेंगे। इससे बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार के साथ नई जिम्मेदारी मिलेगी।

अयोध्या से बड़ा संदेश
अयोध्या में होने वाला कार्यक्रम केवल नियुक्ति और मानदेय बढ़ोतरी तक सीमित नहीं है। सरकार इसे महिला कर्मचारियों के योगदान को पहचान देने वाले कदम के रूप में भी पेश कर रही है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अक्सर परिवारों और सरकारी योजनाओं के बीच महत्वपूर्ण कड़ी की भूमिका निभाती हैं।
योगी ने गिनाईं यूपी की उपलब्धियां
इसी बीच यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले और बाद के उत्तर प्रदेश की तुलना की। उन्होंने कानून-व्यवस्था में सुधार, अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति तथा निवेश के लिए बेहतर माहौल का दावा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून का राज आर्थिक विकास की बुनियादी शर्त है।
टेक्सटाइल सेक्टर पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की युवा आबादी और टेक्सटाइल उद्योग की क्षमता पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक प्रदेश में करीब 2 लाख हैंडलूम वीवर और 5 लाख से अधिक पावरलूम वीवर हैं। फैब्रिक मैन्युफैक्चरिंग में यूपी देश में तीसरे स्थान पर है और राष्ट्रीय उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी करीब 13 से 14 प्रतिशत बताई गई।
महिला सशक्तिकरण से विकास तक
आंगनबाड़ी मानदेय में बढ़ोतरी का असर केवल वेतन की रकम तक सीमित नहीं रहेगा। यह उन महिलाओं के घरेलू बजट और सामाजिक सम्मान को भी प्रभावित कर सकता है, जो वर्षों से जमीनी स्तर पर सेवाएं दे रही हैं। अब असली सवाल यही है कि इस फैसले से उनके कामकाजी जीवन में कितनी वास्तविक राहत आती है।

