एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज की युद्ध गाथा पर बनी फिल्म 120 Bahadur आखिरकार दर्शकों के सामने आ चुकी है। साल 2025 की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल यह फिल्म भले ही बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल न दिखा पाई हो लेकिन इसके साहसिक विषय और शानदार निर्देशन को खूब सराहना मिली है। यह कहानी है मेजर शैतान सिंह भाटी और उनके 120 बहादुर सैनिकों की अमर वीरता की। फिल्म में रेजांग ला की लड़ाई को विस्तार से दिखाने की कोशिश की गई है जिसने हर दर्शक के मन में देशभक्ति का जज्बा फिर से जगा दिया है।
अखिलेश यादव ने बताया देखने योग्य
हाल ही में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी यह फिल्म देखी। फिल्म देखने के बाद उन्होंने इसकी कहानी की जमकर तारीफ की। उनका कहना था कि यह फिल्म नई पीढ़ी को सेना के गौरवशाली इतिहास से रूबरू करवाती है जो अपने आप में बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना दुनिया की सबसे बहादुर सेनाओं में से एक है जो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी देश की सीमाओं की रक्षा करती है। इस फिल्म में जिस असली लड़ाई और अदम्य साहस को दिखाया गया है वह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है।
देशभक्ति सिर्फ़ नारा नहीं, देश पर जान न्योछावर करने का पक्का इरादा होना चाहिए।
अच्छी फ़िल्म का अच्छा संदेश!#120Bahadur_Special_Screening pic.twitter.com/XaCUJETT1Z
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) November 26, 2025
सोशल मीडिया पर भी साझा की भावना
अखिलेश यादव ने केवल मीडिया में ही नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में थिएटर से कुछ तस्वीरें साझा कीं जिनमें उनके साथ समाजवादी पार्टी के कई नेता भी नजर आए। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि देशभक्ति केवल एक नारा नहीं बल्कि देश के लिए प्राण त्याग देने के दृढ़ संकल्प की भावना है। उन्होंने इस फिल्म को एक अच्छा संदेश देने वाली अच्छी फिल्म बताया। इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर 120 बहादुर को लेकर फिर से चर्चा तेज हो गई।
रेजांग ला की अमर कहानी
फिल्म 120 बहादुर 1962 के युद्ध की उस ऐतिहासिक लड़ाई पर आधारित है जिसमें 13 कुमाऊं रेजिमेंट के 120 भारतीय सैनिकों ने चीन की विशाल सेना से मोर्चा लिया था। फिल्म में फरहान अख्तर ने मेजर शैतान सिंह भाटी की भूमिका निभाई है। मेजर शैतान सिंह और उनके साथी सैनिकों ने उस युद्ध में असाधारण बहादुरी दिखाई थी। फिल्म की एक पंक्ति हम पीठ नहीं बटेंगे पूरे भाव और शौर्य के साथ दर्शकों के मन में बस जाती है। फिल्म के निर्देशक रजनीश रेनी घोष ने इस कहानी को बड़े ही प्रभावी तरीके से पर्दे पर उतारा है।
दर्शकों के दिल में बसती वीरता की ये कहानी
हालांकि फिल्म को व्यावसायिक सफलता उतनी नहीं मिली लेकिन इसकी कहानी और प्रस्तुति ने दर्शकों के दिल में खास जगह बना ली। एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज द्वारा निर्मित यह फिल्म आज भी चर्चा में है क्योंकि यह केवल एक फिल्म नहीं बल्कि उन 120 वीरों को श्रद्धांजलि है जिन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। 120 बहादुर दर्शकों को याद दिलाती है कि देश की रक्षा करने वाले इन वीर सपूतों का साहस कभी भुलाया नहीं जा सकता। यह फिल्म हर भारतीय को देखनी चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी इस गौरवशाली इतिहास को समझ सकें और सम्मान दे सकें।

