back to top
Monday, April 20, 2026
Homeमनोरंजनऑस्कर 2026 से पहले जानिए किन भारतीय फिल्मों और कलाकारों ने जीता...

ऑस्कर 2026 से पहले जानिए किन भारतीय फिल्मों और कलाकारों ने जीता यह प्रतिष्ठित पुरस्कार

98वां ऑस्कर पुरस्कार समारोह 16 मार्च को आयोजित होने जा रहा है और पूरी दुनिया की नजरें इस प्रतिष्ठित समारोह पर टिकी हुई हैं। भारत में भी ऑस्कर को लेकर हमेशा से खास उत्साह देखने को मिलता है। इस साल फिल्म होमबाउंड को सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी में भारत की आधिकारिक एंट्री के रूप में भेजा गया था। हालांकि यह फिल्म अंतिम पुरस्कार जीतने में सफल नहीं हो सकी। इसके बावजूद भारतीय सिनेमा और ऑस्कर का रिश्ता कई दशकों से मजबूत रहा है। भारतीय कलाकारों और फिल्मों ने कई श्रेणियों में ऑस्कर जीतकर देश का नाम रोशन किया है और वैश्विक मंच पर भारतीय प्रतिभा की पहचान बनाई है।

द एलिफेंट व्हिस्परर्स और नाटू नाटू ने रचा नया इतिहास

हाल के वर्षों में भारतीय फिल्मों ने ऑस्कर में शानदार सफलता हासिल की है। साल 2023 में तमिल डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म द एलिफेंट व्हिस्परर्स ने 95वें ऑस्कर समारोह में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म का पुरस्कार जीतकर इतिहास रच दिया। इस फिल्म का निर्देशन कार्तिकी गोंसाल्वेस ने किया था और इसे गुनीत मोंगा ने प्रोड्यूस किया था। नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई यह फिल्म तमिलनाडु के एक दंपति की कहानी दिखाती है जो एक अनाथ हाथी के बच्चे की देखभाल करते हैं। इसी साल एसएस राजामौली की ब्लॉकबस्टर फिल्म आरआरआर का गाना नाटू नाटू भी ऑस्कर जीतने में सफल रहा। एमएम कीरावानी के संगीत और चंद्रबोस के गीत ने सर्वश्रेष्ठ मौलिक गीत का पुरस्कार जीतकर इतिहास बना दिया।

ऑस्कर 2026 से पहले जानिए किन भारतीय फिल्मों और कलाकारों ने जीता यह प्रतिष्ठित पुरस्कार

सामाजिक मुद्दों पर बनी फिल्मों को भी मिला ऑस्कर सम्मान

भारतीय विषयों पर आधारित कई डॉक्यूमेंट्री फिल्मों ने भी ऑस्कर में अपनी पहचान बनाई है। साल 2018 में पीरियड एंड ऑफ सेंटेंस नाम की डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म ने 91वें ऑस्कर समारोह में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म का पुरस्कार जीता। यह फिल्म ग्रामीण भारत में मासिक धर्म से जुड़े सामाजिक कलंक और जागरूकता की कमी पर प्रकाश डालती है। इससे पहले साल 2008 में स्माइल पिंकी ने भी इसी श्रेणी में ऑस्कर जीतकर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था। यह फिल्म एक ग्रामीण भारतीय लड़की की कहानी दिखाती है जिसकी कटे होंठ की सर्जरी होती है और उसके जीवन में नया बदलाव आता है। इन फिल्मों ने यह साबित किया कि भारतीय समाज से जुड़ी कहानियां भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर गहरी छाप छोड़ सकती हैं।

स्लमडॉग मिलियनेयर और गांधी से जुड़ी भारतीय उपलब्धियां

साल 2008 में आई फिल्म स्लमडॉग मिलियनेयर ने ऑस्कर में बड़ी सफलता हासिल की थी। हालांकि यह फिल्म एक ब्रिटिश प्रोडक्शन थी लेकिन इसमें भारतीय कलाकारों और तकनीशियनों का योगदान बेहद अहम था। संगीतकार एआर रहमान ने सर्वश्रेष्ठ मूल संगीत और सर्वश्रेष्ठ मूल गीत का ऑस्कर जीता जबकि साउंड मिक्सर रेसुल पुकुट्टी को सर्वश्रेष्ठ साउंड मिक्सिंग का पुरस्कार मिला। इसके अलावा मशहूर गीतकार गुलजार को भी सर्वश्रेष्ठ मूल गीत का ऑस्कर मिला। इससे पहले 1982 में कॉस्ट्यूम डिजाइनर भानु अथैया अकादमी पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय बनी थीं। उन्होंने रिचर्ड एटिनबरो की ऐतिहासिक फिल्म गांधी के लिए सर्वश्रेष्ठ कॉस्ट्यूम डिजाइन का ऑस्कर हासिल किया था। हालांकि भारत को अभी तक सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी में जीत नहीं मिली है लेकिन मदर इंडिया सलाम बॉम्बे और लगान जैसी फिल्में इस सम्मान के बेहद करीब पहुंच चुकी हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments