पंजाब के अमृतसर में रविवार को केंद्र सरकार और प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की कार्रवाई के विरोध में आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग के निवास स्थान के बाहर किया गया, जहां बड़ी संख्या में आप कार्यकर्ता जुटे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रित रहा, क्योंकि मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। आम आदमी पार्टी ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
संजीव अरोड़ा गिरफ्तारी को बताया राजनीतिक साजिश, केंद्र पर लगाए आरोप
प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने हाल ही में पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी को लेकर केंद्र सरकार और ईडी पर तीखा हमला बोला। आप नेताओं का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है और विपक्षी दलों को दबाने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी लगातार जनहित के मुद्दे उठा रही है, इसी कारण पार्टी के नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।

आप नेताओं का केंद्र सरकार पर हमला, लोकतंत्र पर बताया खतरा
प्रदर्शन के दौरान पंजाब सरकार के मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ, विधायक जसबीर सिंह, डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर और डॉ. अजय गुप्ता सहित कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि आम आदमी पार्टी किसी भी दबाव से डरने वाली नहीं है और जनता की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारियों और दबाव की राजनीति से विपक्ष को चुप नहीं कराया जा सकता। अन्य विधायकों ने भी कहा कि पंजाब की जनता सब देख रही है और इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा। नेताओं ने इसे सीधे तौर पर लोकतंत्र पर हमला बताया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, आगे आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेता तरुण चुग के आवास के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने पूरे इलाके में निगरानी बढ़ाकर प्रदर्शन को शांतिपूर्ण ढंग से नियंत्रित किया। आप कार्यकर्ताओं ने इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ लगातार नारे लगाए और संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी को वापस लेने की मांग की। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि विपक्षी नेताओं के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई जारी रही तो आने वाले दिनों में आंदोलन और अधिक तेज किया जाएगा। इस घटना ने पंजाब की राजनीति में तनाव और बहस को और बढ़ा दिया है।

