DELHI NEWS(Pockets news): दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को INDIA गठबंधन की वोट बचाओ देश बचाओ महारैली में विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा। इस रैली में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई गई। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के नेताओं ने आरोप लगाया कि देश में वोट चोरी हो रही है और लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। राहुल गांधी से लेकर अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव तक ने मंच से अपनी बात रखी।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि वोट चोरी करने वालों को जनता माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी वोट चोरी में सबसे आगे है और विपक्ष ने उनकी चोरी पकड़ ली है। अखिलेश ने यह भी कहा कि यूपी के लोग जितने अच्छे तरीके से स्वागत करते हैं उतने ही अच्छे तरीके से विदाई भी करते हैं। उन्होंने युवाओं की ताकत का जिक्र करते हुए सरकार को चेतावनी दी।
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए और उन्हें जेल जाना होगा। तेजस्वी ने कहा कि लोकतंत्र को किसी भी कीमत पर मिटने नहीं दिया जाएगा।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि यह किसी एक पार्टी की नहीं बल्कि देश के युवाओं और किसानों की आवाज है। उन्होंने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद 13 करोड़ लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए। राहुल ने आरोप लगाया कि कई राज्यों के चुनाव में भी वोट चोरी हुई है। उन्होंने कहा कि अगर वोट चोरी नहीं होती तो देश की राजनीतिक तस्वीर कुछ और होती। उन्होंने केंद्र सरकार और बड़े उद्योगपतियों के बीच संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इसका इस्तेमाल बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि आज सरकार यह तय करने में लगी है कि कौन वोट डालेगा। उन्होंने विपक्ष से एकजुट होकर लोकतंत्र बचाने की अपील की।
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि किसी को डरने की जरूरत नहीं है और सभी को अपने देश में रहने का पूरा अधिकार है। सीपीआईएम नेता एमए बेबी ने भी विपक्षी एकता पर जोर दिया। वहीं छात्र नेता नेहा बोरा ने कहा कि वोट का अधिकार ही देश के हर नागरिक को बराबरी देता है।
कुल मिलाकर इस महारैली में विपक्ष ने वोटर लिस्ट और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। अब देखना होगा कि इन आरोपों और मांगों पर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार की तरफ से क्या जवाब आता है

