महाराष्ट्र में खाद्य पदार्थों में मिलावट, प्रतिबंधित खाद्य सामग्री की बिक्री और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ महाराष्ट्र FDA ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। विभाग के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 तक विभिन्न अभियानों में करीब 78.49 करोड़ रुपये के खाद्य पदार्थ जब्त किए गए हैं। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में FIR दर्ज करने के साथ कई प्रतिष्ठानों को सील और लाइसेंस निलंबित किए गए।
1,472 जगहों पर छापेमारी, 1,175 FIR दर्ज
FDA के आंकड़ों के अनुसार, प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ 1,472 स्थानों पर सर्च और सीजर ऑपरेशन चलाए गए। इस दौरान करीब 27.85 करोड़ रुपये के प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ जब्त किए गए।
विभाग के मुताबिक, इन मामलों में 1,175 FIR दर्ज की गईं। करीब 1,529 लोगों की गिरफ्तारी का आंकड़ा भी सामने आया है। इसके अलावा 96 मामलों में चार्जशीट दाखिल की गई और 837 प्रतिष्ठानों को सील किया गया। कार्रवाई के दौरान 205 वाहन भी जब्त किए गए, जिनकी कीमत करीब 13.61 करोड़ रुपये बताई गई है।
दूध और डेयरी उत्पादों पर भी सख्त कार्रवाई
महाराष्ट्र FDA ने दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता जांचने के लिए 3,109 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान 4,228 नमूने लिए गए। इनमें 261 नमूने घटिया गुणवत्ता के और 89 असुरक्षित पाए गए।
कार्रवाई के दौरान करीब 2,03,862 लीटर दूध नष्ट किया गया, जिसकी कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई गई। वहीं करीब 7.99 करोड़ रुपये के दुग्ध उत्पाद जब्त किए गए। इन मामलों में 19 FIR दर्ज करने और 65 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है।
होटल और रेस्टोरेंट भी FDA के रडार पर
खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच के लिए 5,355 होटल, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इनमें से 3,340 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए।
गणेशोत्सव के दौरान भी FDA ने विशेष अभियान चलाया। सितंबर में 4,351 प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जबकि 2,237 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस दिए गए। 486 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित और 15 लाइसेंस रद्द किए गए।
36 जिलों में 19 हजार से ज्यादा प्रतिष्ठानों की जांच
महाराष्ट्र FDA के मुताबिक, 30 सितंबर तक राज्य के सातों विभागों और 36 जिलों में 19,713 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इनमें लाइसेंसधारी और पंजीकृत खाद्य कारोबारियों के प्रतिष्ठान शामिल हैं।
विभाग ने 892 प्रतिष्ठानों के निलंबन, 1,538 कारोबार बंद करने के नोटिस और 8,799 सुधार नोटिस जारी किए जाने की जानकारी दी है। 3,235 मामलों में कंपाउंडिंग की कार्रवाई शुरू की गई और 3,004 मामलों का निपटारा करते हुए करीब 3.35 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया।

