बिहार में बाढ़ और कानून-व्यवस्था को लेकर सियासत तेज हो गई है। RJD नेता तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी सरकार के साथ केंद्र पर भी निशाना साधा। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों की मदद, चिराग पासवान के राघोपुर दौरे, पत्रकार की पिटाई और सीतामढ़ी में RJD नेता की हत्या को लेकर सरकार से जवाब मांगा।
बाढ़ को लेकर सरकार पर सवाल
बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर हमला बोला है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि बाढ़ को लेकर उन्होंने कई बार सरकार को पत्र लिखा, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बिहार में डबल इंजन की सरकार है, लेकिन दोनों इंजन में आग लगी हुई है और सरकारी खजाना खाली है। उन्होंने दावा किया कि बाढ़ से ठीक पहले सामान्य योजनाओं के लिए आकस्मिक निधि से 4 हजार करोड़ रुपये निकाल लिए गए।
‘पीएम को चिट्ठी लिखी, कोई सुध लेने वाला नहीं’
तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखकर बिहार में बाढ़ की स्थिति और पीड़ितों की मदद का मुद्दा उठाया है। उनके मुताबिक, इसके बावजूद केंद्र की ओर से कोई ठोस पहल नजर नहीं आई।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के किसी केंद्रीय मंत्री में इतनी राजनीतिक हैसियत नहीं है कि वह राज्य के लिए विशेष पैकेज या अतिरिक्त सहायता लेकर आए।

बिहार के साथ सौतेले व्यवहार का आरोप
तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बिहार के साथ कथित भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने गुजरात में बाढ़ के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा मुख्यमंत्री से बातचीत और मदद का भरोसा देने का उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार के साथ वैसा व्यवहार नहीं किया जा रहा।
उन्होंने कहा कि पहले बाढ़ के समय प्रधानमंत्री समेत केंद्र के कई नेता बिहार आते रहे हैं, लेकिन इस बार राज्य को कथित तौर पर नजरअंदाज किया गया। तेजस्वी ने दावा किया कि इसका जवाब आने वाले समय में बिहार की जनता देगी।
‘बाढ़ का कोई स्थायी समाधान नहीं’
तेजस्वी यादव ने बिहार में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में लोग बाढ़ से प्रभावित होते हैं, लेकिन सरकार की ओर से इसका स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
उन्होंने मुख्यमंत्री की केंद्र से बातचीत को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता कि मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर बात की है या नहीं।
चिराग पासवान के राघोपुर दौरे पर तंज
राघोपुर में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के दौरे पर भी तेजस्वी यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चिराग पासवान बाढ़ प्रभावित इलाकों में घूम रहे हैं तो अच्छी बात है, लेकिन उन्हें सिर्फ दौरा करने के बजाय बिहार के लिए मदद भी लेकर आनी चाहिए।
तेजस्वी ने कहा कि विपक्ष में होने के कारण वह केवल सरकार से मांग कर सकते हैं। उन्होंने सवाल किया कि केंद्र सरकार में शामिल अन्य मंत्रियों ने भी बाढ़ को लेकर कोई पत्र लिखा है या नहीं।
पत्रकार की पिटाई पर जताई नाराजगी
तेजस्वी यादव ने पत्रकार की कथित पिटाई की घटना को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार में अराजकता का माहौल बन गया है और सवाल पूछने पर पत्रकार को पीट दिया जाता है।
उन्होंने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की और कहा कि पत्रकारों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सीतामढ़ी में RJD नेता की हत्या का मुद्दा
सीतामढ़ी में RJD नेता की हत्या को लेकर भी तेजस्वी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मृतक पार्टी के जिला उपाध्यक्ष भी थे। तेजस्वी के मुताबिक, कुछ दिन पहले भी उन पर हमला हुआ था, लेकिन थाने में कथित तौर पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
उन्होंने दावा किया कि इसके तीन-चार दिन बाद उनकी हत्या कर दी गई। तेजस्वी ने कहा कि उन्होंने मृतक के परिजनों से बात की है और सवाल उठाया कि जब जनप्रतिनिधि की शिकायत नहीं सुनी जाएगी तो आम जनता की सुरक्षा और शिकायतों का क्या होगा।
बाढ़ के बीच तेजस्वी की नाव का भी हुआ था जिक्र
बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे के दौरान तेजस्वी यादव खुद भी चर्चा में आए थे। हाल ही में हाजीपुर में बाढ़ का जायजा लेने के दौरान जिस नाव पर वह सवार थे, उसमें हवा निकलने की घटना सामने आई थी। इस दौरान तेजस्वी बाल-बाल बच गए थे।
अब प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बाढ़ से लेकर कानून-व्यवस्था तक कई मुद्दों पर सरकार को घेरा है। उनके आरोपों के बीच राजनीतिक बहस तेज होना तय माना जा रहा है। वहीं, सरकार की ओर से इन आरोपों पर आने वाली प्रतिक्रिया पर भी नजर रहेगी।

