पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और SIR चीफ कोऑर्डिनेटर हरदीप सिंह किंगरा ने शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में प्रेस वार्ता के दौरान प्रदर्शन की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि पार्टी 8 सितंबर को राज्य के सभी 23 जिलों में जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करेगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री आवास का घेराव भी किया जाएगा।
कांग्रेस का कहना है कि इन प्रदर्शनों के जरिए राज्य सरकार के सामने जनता और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे मजबूती से उठाए जाएंगे।
कर्मचारियों के लंबित हकों का मुद्दा
हरदीप सिंह किंगरा ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार कर्मचारियों के मुद्दों को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने महंगाई भत्ते (DA) का भुगतान नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि करीब चार लाख सरकारी कर्मचारी और साढ़े तीन लाख पेंशनर्स अपने हक के इंतजार में हैं।
किंगरा ने कहा कि कर्मचारियों के लंबित मुद्दों को कांग्रेस सत्ता में आने पर प्राथमिकता के आधार पर हल करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान कोरोना महामारी के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट की वजह से कुछ मांगें पूरी नहीं हो सकी थीं। उनके मुताबिक, मौजूदा सरकार के पास अब कर्मचारियों की मांगों पर फैसला लेने के लिए पर्याप्त समय और संसाधन हैं।

संगरूर में युवक की कथित पिटाई का मुद्दा उठाया
कांग्रेस नेता ने संगरूर में युवक मोहनजीत की कथित पिटाई का मामला भी उठाया। उन्होंने संबंधित थाना प्रभारी और DSP के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
किंगरा ने आरोप लगाया कि राज्य में नशे की बिक्री पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। उन्होंने दावा किया कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों पर ही कार्रवाई किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित प्रशासन और सरकार का पक्ष सामने आना बाकी है।
जंतर-मंतर की घटना को लेकर केंद्र पर निशाना
किंगरा ने जंतर-मंतर पर युवाओं के साथ कथित मारपीट का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने इस मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेता ने पंजाब से जुड़े विभिन्न मुद्दों के साथ केंद्र की नीतियों को भी अपने विरोध प्रदर्शन के एजेंडे में शामिल किया है।
मुख्यमंत्री की पत्नी से जुड़े आरोपों की जांच की मांग
प्रेस वार्ता में किंगरा ने मुख्यमंत्री की पत्नी से जुड़े पांच करोड़ रुपये के कथित रिश्वत मामले का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
साथ ही कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा को भेजे गए मानहानि नोटिस पर भी उन्होंने सवाल उठाए और इसे गलत बताया।
इन मामलों में लगाए गए आरोप राजनीतिक दावों का हिस्सा हैं और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया तथा जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
सरकार को घेरने की तैयारी
पंजाब कांग्रेस का 8 सितंबर का प्रदर्शन कई मुद्दों को एक साथ उठाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी कर्मचारी वर्ग, महंगाई भत्ता, कानून-व्यवस्था और नशे के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरना चाहती है।
अब नजर इस बात पर होगी कि 23 जिलों में होने वाले प्रदर्शनों में कांग्रेस का विरोध कितना व्यापक रहता है और मुख्यमंत्री आवास के घेराव के दौरान सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

