मसूद परिवार में मौजूदा विवाद की शुरुआत शायान मसूद के कांग्रेस छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद हुई। 20 अगस्त को अखिलेश यादव ने उन्हें सपा की सदस्यता दिलाई।
सपा में जाने के बाद शायान ने कहा कि वह अपने ससुर और कांग्रेस सांसद इमरान मसूद की राजनीतिक विचारधारा से सहमत नहीं हैं। उन्होंने बीजेपी को हराने के लिए अखिलेश यादव के साथ खड़े होने की बात कही।
यहीं से परिवार के भीतर राजनीतिक मतभेद खुलकर सामने आने लगे।
हमजा मसूद ने लगाए गंभीर आरोप
शायान के सपा में जाने और इमरान मसूद की राजनीति पर सवाल उठाने के बाद उनके परिवार के ही सदस्य हमजा मसूद ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर कई गंभीर आरोप लगाए।
हमजा, इमरान मसूद के भतीजे हैं। उन्होंने अपनी बहन के साथ कथित मारपीट, गाली-गलौज और बच्चे के साथ घर से निकालने जैसे आरोप लगाए। हमजा का दावा था कि परिवार ने रिश्तेदारी और सम्मान को देखते हुए करीब पांच साल तक कई बातों को सहन किया, लेकिन अब चुप रहना संभव नहीं है।
हालांकि, ये आरोप हमजा की ओर से लगाए गए हैं और इस मामले में संबंधित पक्षों का पक्ष तथा कानूनी स्थिति महत्वपूर्ण होगी।
शायान बोले- राजनीतिक लड़ाई मैदान में लड़ें
हमजा के आरोपों के बाद शायान मसूद ने वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि अगर राजनीतिक लड़ाई लड़नी है तो राजनीतिक मैदान में आकर लड़ना चाहिए।
शायान ने परिवार की निजी बातों को सार्वजनिक किए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि उनके पास भी कहने के लिए बहुत कुछ है, लेकिन वह परिवार की निजी बातें सार्वजनिक नहीं करना चाहते।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि परिवार के लोग साथ बैठकर बातचीत करें तो वह लगाए गए आरोपों का जवाब देने के लिए तैयार हैं।

बेटी का जिक्र करते हुए भावुक हुए इमरान
विवाद के बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का बयान सबसे भावुक मोड़ लेकर आया। एक मीडिया इंटरव्यू में बेटी का जिक्र करते हुए वह भावुक नजर आए।
इमरान ने कहा कि जिस परिवार में उसकी बेटी सामने बैठी हो, उसके दर्द और तकलीफ को वही समझ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी में जाना कोई गुनाह नहीं है, लेकिन अगर कोई गुनाह है तो उनकी बच्ची को छोड़ देना है।
उनके बयान से साफ है कि इस विवाद में राजनीतिक मतभेद के साथ पिता के तौर पर बेटी को लेकर चिंता भी जुड़ गई है।
ससुर-दामाद के बीच खड़ी हुई सियासत
इस पूरे मामले की सबसे खास बात यह है कि विवाद किसी बाहरी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के बीच नहीं है। यहां आमने-सामने परिवार के ही लोग हैं।
शायान मसूद इमरान मसूद के दामाद हैं, जबकि हमजा मसूद उनके भतीजे हैं। यानी एक तरफ ससुर और दामाद के बीच राजनीतिक मतभेद है, तो दूसरी तरफ परिवार के भीतर से आरोप सामने आ रहे हैं।
इसी वजह से मसूद परिवार का विवाद अब सिर्फ राजनीतिक बहस नहीं रह गया है, बल्कि निजी रिश्तों और पारिवारिक मतभेदों तक पहुंच गया है।
2022 के दौर का भी हुआ जिक्र
इमरान मसूद ने मौजूदा विवाद के बीच 2022 के राजनीतिक दौर का भी जिक्र किया। उन्होंने संकेत दिया कि उस समय परिवार की ओर से उन पर दबाव था और परिवार तथा बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें कुछ राजनीतिक फैसले लेने पड़े।
उनका कहना था कि उस समय परिवार की सलामती और बच्चों को बचाना उनके लिए राजनीति से ज्यादा महत्वपूर्ण था।
दूसरी तरफ हमजा मसूद ने दावा किया कि उन्हें इमरान मसूद के घर से निकलवा दिया गया था और करीब तीन साल तक इमरान से अलग रखा गया। इन दावों से संकेत मिलता है कि परिवार के भीतर मतभेदों की जड़ें मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम से कहीं पुरानी हो सकती हैं।
मसूद परिवार की राजनीतिक विरासत
मौजूदा विवाद को समझने के लिए मसूद परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि भी अहम है। परिवार की राजनीति का एक लंबा इतिहास रहा है और कई सदस्य अलग-अलग समय में सक्रिय राजनीति से जुड़े रहे हैं।
राशिद मसूद और रशीद मसूद सगे भाई थे। रशीद मसूद लंबे समय तक राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रहे और लोकसभा के साथ केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, बड़े भाई राशिद मसूद ने छोटे भाई रशीद मसूद को राजनीति में आगे बढ़ाने में भी भूमिका निभाई।
राशिद मसूद के पांच बेटों में इमरान मसूद और नोमान मसूद जुड़वां बताए जाते हैं। नोमान मसूद के बेटे हमजा मसूद हैं। दूसरी तरफ रशीद मसूद के बेटे शादान मसूद हैं, जिनके बेटे शायान मसूद हैं।
इस तरह शायान और हमजा दोनों एक ही विस्तृत राजनीतिक परिवार की अगली पीढ़ी से आते हैं।
रिश्तों के बीच फंसी राजनीति
इमरान मसूद की पांच बेटियां हैं, जिनमें दो की शादी हो चुकी है। उनकी एक बेटी की शादी करीब पांच साल पहले शायान मसूद से हुई थी। इस लिहाज से शायान परिवार के लिए सिर्फ राजनीतिक रूप से अलग राह चुनने वाले व्यक्ति नहीं, बल्कि इमरान मसूद के दामाद भी हैं।
यही वजह है कि सपा में शायान का जाना सामान्य राजनीतिक घटनाक्रम से आगे बढ़ गया। राजनीतिक विचारों का मतभेद परिवार की निजी जिंदगी तक पहुंचा और फिर सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप ने विवाद को और सार्वजनिक कर दिया।
अब सवाल सिर्फ सियासत का नहीं
मसूद परिवार में इस समय तीन तस्वीरें एक साथ दिखाई दे रही हैं—एक तरफ सपा के साथ खड़े शायान मसूद हैं, दूसरी तरफ बेटी को लेकर भावुक इमरान मसूद और तीसरी तरफ परिवार के भीतर से सामने आए गंभीर आरोप हैं।
इस विवाद में राजनीतिक विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन परिवार की निजी बातों के सार्वजनिक होने से मामला और संवेदनशील हो गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि यह विवाद राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहता है या परिवार के सदस्य बातचीत के जरिए पुराने मतभेदों को सुलझाने की कोशिश करते हैं।
फिलहाल मसूद परिवार की यह कहानी बताती है कि राजनीति जब घर की दहलीज तक पहुंचती है तो उसका असर सिर्फ चुनावी समीकरणों पर नहीं, रिश्तों पर भी पड़ सकता है।

