ग्वालियर में बलराम जयंती महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों के लिए सरकार की योजनाओं और कृषि क्षेत्र से जुड़े लक्ष्यों को गिनाया। उन्होंने कहा कि सरकार खेतों से लेकर किसानों के खातों तक उनके कल्याण पर ध्यान दे रही है और प्रदेश को खेती के क्षेत्र में और मजबूत बनाने का प्रयास जारी है।
बलराम जयंती पर किसानों पर की पुष्प वर्षा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2 सितंबर को ग्वालियर में आयोजित बलराम जयंती महोत्सव को संबोधित किया। उन्होंने भगवान श्री बलराम को कृषि और स्वावलंबन से जोड़ते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में खेती को सर्वोच्च स्थान दिया गया है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मौजूद किसानों पर पुष्प वर्षा कर उनका सम्मान किया। इस दौरान ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल, कृषक कवच योजना, 200 नई पंजीकृत पैक्स समितियों के कार्यालयों और ग्वालियर में अपेक्स बैंक की संभागीय शाखा का शुभारंभ भी किया।
बिजली उत्पादन क्षमता 31 हजार मेगावॉट पहुंची
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अब बिजली उत्पादन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। उनके मुताबिक आजादी के बाद करीब 55 वर्षों में प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता 5 हजार मेगावॉट तक पहुंची थी, जबकि बाद में यह 25 हजार मेगावॉट हुई।

उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में क्षमता 6 हजार मेगावॉट बढ़ी और अब यह 31 हजार मेगावॉट हो गई है। मुख्यमंत्री ने सिंचाई का रकबा 60 लाख हेक्टेयर से अधिक बताते हुए अगले ढाई साल में इसे 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य बताया।
किसानों के लिए कर्ज और बागवानी योजनाओं पर जोर
मोहन यादव ने कहा कि किसानों को कर्ज चुकाने में सुविधा देने के लिए व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब किसान साल में किसी भी समय अपनी कर्ज राशि चुका सकेंगे। उन्होंने किसानों से पारंपरिक अनाज के साथ उद्यानिकी फसलों से भी आमदनी बढ़ाने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना का भी जिक्र किया। साथ ही पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए नई गौपालन योजना की जानकारी दी, जिसके तहत 40 लाख रुपये तक के लोन पर 10 लाख रुपये के अनुदान का प्रावधान बताया गया।
मत्स्य और पशुपालन से बढ़ेगी किसानों की आय
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों और पशुपालकों को मत्स्य पालन, कुकुट पालन और बकरी पालन जैसी गतिविधियों से जोड़ने पर भी काम कर रही है। उन्होंने दूध उत्पादन में 20 प्रतिशत तक वृद्धि के लक्ष्य के साथ गौपालन को बढ़ावा देने की बात कही।
उनके मुताबिक कृषि को केवल खेती तक सीमित रखने के बजाय उससे जुड़ी दूसरी गतिविधियों को अपनाकर किसान अपनी आय के नए स्रोत तैयार कर सकते हैं।
युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने युवा कल्याण से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए गए हैं। सरकारी स्कूलों में बच्चों को किताबें, ड्रेस और साइकिलें उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं को उद्योग और रोजगार से जोड़ने के लिए काम किया जा रहा है। साथ ही विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ खेती से अपना जुड़ाव बनाए रखने की अपील की, क्योंकि कृषि को उन्होंने प्रदेश की गौरवशाली विरासत बताया।
सिंचाई, सड़क और कनेक्टिविटी पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से प्रदेश में सिंचाई और जल प्रबंधन को मजबूती मिलेगी। उन्होंने किसानों से अपनी जमीन नहीं बेचने की अपील करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश खेती के क्षेत्र में पंजाब से आगे निकलने की दिशा में बढ़ रहा है।
उन्होंने प्रदेश में एक्सप्रेसवे, हाईवे और ग्रीनफील्ड सड़कों के निर्माण के साथ एविएशन और रेल कनेक्टिविटी बढ़ने की भी बात कही। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को अस्पताल पहुंचाने वालों के लिए ‘राहवीर योजना’ के तहत 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दिए जाने का भी जिक्र किया।
सिंधिया और तोमर ने भी किसानों की समृद्धि पर दिया जोर
केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है और सहकारिता के जरिए किसानों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बांधों और जलाशयों से कृषि को मिल रहे लाभ का उल्लेख किया।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि किसान समृद्ध होंगे तो देश भी समृद्ध होगा। युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
बलराम जयंती के अवसर पर सरकार ने किसानों की खेती को लाभ का जरिया बनाने और फसलों का उचित मूल्य दिलाने के संकल्प पर भी जोर दिया।

