बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर लंबे समय से चल रही छात्रों की मांगों के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। TRE-4 में अब पीटी और मेंस के बजाय एक ही चरण में परीक्षा होगी। इसके साथ भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, कैलेंडर और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर भी कई फैसले लिए गए हैं।
TRE-4 में बदला परीक्षा पैटर्न
BPSC TRE-4 के अभ्यर्थियों के लिए गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को बड़ी राहत की घोषणा हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर बताया कि चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा अब एकल चरण में आयोजित की जाएगी। पहले पीटी और मेंस परीक्षा कराने की व्यवस्था प्रस्तावित थी, जिसका अभ्यर्थी विरोध कर रहे थे।
छात्रों की मांगों पर सरकार का फैसला
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों को लेकर शुरू से गंभीर रही है। बातचीत के बाद TRE-4 में एक परीक्षा और एक अभ्यर्थी-एक परिणाम के मुद्दे पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो परीक्षा प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से असमंजस में थे।

परीक्षा सुधार के लिए बनेगी विशेषज्ञ समिति
सरकार ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार के लिए पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति गठित करने का निर्णय लिया है। अभ्यर्थी अपनी शिकायतें और सुझाव साक्ष्यों के साथ समिति के सामने रख सकेंगे। 70वीं BPSC समेत अन्य परीक्षाओं से जुड़े मामलों पर भी इसी प्रक्रिया के तहत विचार होगा।
पेपर लीक से लेकर परीक्षा कैलेंडर तक
बैठक में भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी करने और उसका सख्ती से पालन करने पर भी सहमति बनी। BPSC की तर्ज पर आयोजित परीक्षाओं में प्रश्नपत्र, OMR शीट और उत्तर पुस्तिका की पारदर्शिता सुनिश्चित करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। AEDO, सेनेटरी समेत पेपर लीक से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच EOU करेगी।
लाइब्रेरियन भर्ती और डोमिसाइल नीति
सरकार ने लाइब्रेरियन की भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने की बात कही है। संविदा कर्मियों के लिए अंक और वेटेज के साथ अलग कोटे की संभावना पर उच्चस्तरीय समिति विचार करेगी। वहीं बिहार की भर्ती प्रक्रियाओं में अधिकतम डोमिसाइल नीति लागू करने को लेकर भी नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी।
विद्यार्थियों के लिए नया सहयोग तंत्र
छात्रों की शिकायतों के समाधान के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ और ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ शुरू किए गए हैं। सरकार के मुताबिक, इनके माध्यम से समस्याओं का समाधान 30 दिनों के भीतर करने की कोशिश होगी। TRE-4 का फैसला फिलहाल छात्रों की बड़ी मांग को स्वीकार करता है, लेकिन असली परीक्षा अब इन सुधारों को समय पर और पारदर्शी तरीके से लागू करने की होगी।

