गोरखपुर के पादरी बाजार चौराहे पर लंबे समय से जाम झेल रहे लोगों के लिए राहत की उम्मीद बढ़ गई है। करीब 98.34 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा 570 मीटर लंबा फोरलेन फ्लाईओवर अब अंतिम चरण में पहुंच गया है और अक्टूबर में इसके लोकार्पण की तैयारी है।
अंतिम चरण में पहुंचा निर्माण
गोरखपुर में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल पादरी बाजार फोरलेन फ्लाईओवर का निर्माण तेजी से पूरा किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सेतु निगम की देखरेख में बन रहे इस फ्लाईओवर का करीब 94 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
अधिकारियों के मुताबिक, सितंबर के अंत तक शेष निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद अक्टूबर में फ्लाईओवर को यातायात के लिए खोलने की तैयारी है।
98 करोड़ से ज्यादा की परियोजना
करीब 570 मीटर लंबे फोरलेन फ्लाईओवर की अनुमानित लागत 98.34 करोड़ रुपये है। परियोजना का निर्माण सितंबर 2024 में शुरू हुआ था।
पादरी बाजार चौराहा बरगदवा-कौआबाग जेल बाईपास फोरलेन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां वाहनों का लगातार बढ़ता दबाव अक्सर जाम की स्थिति पैदा करता है। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए फ्लाईओवर का निर्माण कराया जा रहा है।

सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश सेतु निगम के परियोजना प्रबंधन से जुड़े अधिकारी मिथिलेश कुमार के अनुसार निर्माण कार्य लगभग अंतिम दौर में है। करीब 94 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और बाकी कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
लक्ष्य है कि सितंबर के अंत तक फ्लाईओवर का निर्माण पूरा कर लिया जाए। इसके बाद अक्टूबर में लोकार्पण की तैयारी है।
हालांकि, अंतिम रूप से यातायात शुरू होने की तारीख संबंधित विभाग की तैयारियों और औपचारिकताओं पर निर्भर करेगी।
जाम से मिलेगी बड़ी राहत
फ्लाईओवर शुरू होने के बाद बरगदवा-कौआबाग जेल बाईपास से गुजरने वाले मुख्य यातायात को चौराहे के ऊपर से निकाला जा सकेगा। इससे नीचे पादरी बाजार चौराहे पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है।
फिलहाल सिग्नल और चौराहे पर वाहनों के रुकने से कई बार लंबा जाम लग जाता है। फ्लाईओवर शुरू होने के बाद मुख्य मार्ग के यातायात को निर्बाध रास्ता मिलने से इस समस्या में कमी आ सकती है।
महराजगंज और सोनौली जाने वालों को फायदा
इस परियोजना का लाभ सिर्फ स्थानीय यात्रियों को ही नहीं, बल्कि लंबी दूरी के यात्रियों और मालवाहक वाहनों को भी मिलने की उम्मीद है।
बरगदवा से कौआबाग जेल बाईपास होकर पिपराइच, कप्तानगंज और मेडिकल कॉलेज रोड की तरफ जाने वाले वाहनों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। वहीं महराजगंज और सोनौली रोड की ओर जाने वाले वाहनों को भी पादरी बाजार चौराहे पर रुकने की समस्या से राहत मिल सकती है।
समय और ईंधन दोनों की बचत
ट्रैफिक का दबाव कम होने से वाहनों की औसत गति बढ़ सकती है। इससे यात्रियों के समय की बचत होगी और बार-बार जाम में इंजन चलने से होने वाली अतिरिक्त ईंधन खपत भी घटने की उम्मीद है।
स्थानीय कारोबारियों और आसपास के क्षेत्रों से रोजाना आने-जाने वाले लोगों के लिए भी बेहतर यातायात व्यवस्था फायदेमंद साबित हो सकती है।
गोरखपुर की कनेक्टिविटी को नया बूस्ट
पादरी बाजार फ्लाईओवर गोरखपुर में लगातार हो रहे सड़क और यातायात ढांचे के विस्तार की महत्वपूर्ण कड़ी है। शहर की आबादी और वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ ऐसे वैकल्पिक मार्गों की जरूरत भी बढ़ रही है।
अगर निर्धारित समय के मुताबिक सितंबर तक निर्माण पूरा होकर अक्टूबर में फ्लाईओवर शुरू हो जाता है, तो पादरी बाजार का जाम काफी हद तक अतीत की बात बन सकता है। यह परियोजना सिर्फ एक फ्लाईओवर नहीं, बल्कि गोरखपुर की तेज होती रफ्तार और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकती है।

