गोरखपुर के गोला क्षेत्र में सार्वजनिक रास्ते को कब्जामुक्त कराने की मांग कर रही युवती से मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। विवादित रास्ते को लेकर परिवार पहले भी अधिकारियों से शिकायत कर चुका था।
सार्वजनिक रास्ते को लेकर शुरू हुआ विवाद
गोला थाना क्षेत्र के गोपालपुर गांव में सार्वजनिक रास्ते को लेकर चल रहा विवाद अब मारपीट के मामले तक पहुंच गया है। पीड़िता जूली शर्मा का आरोप है कि रास्ते को अवरुद्ध करने के प्रयास का विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई।
घटना के बाद मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ, जिसके चलते मामला चर्चा में आ गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जमीन पर बैठी युवती से मारपीट का आरोप
जूली शर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 14 अगस्त को दोपहर करीब 1:10 बजे वह अपनी पुश्तैनी जमीन पर बैठी थीं। आरोप है कि इसी दौरान उनके घर के सामने रहने वाले राहुल यादव, गिरिजा यादव, मीना देवी और अन्य लोगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी।
पीड़िता के अनुसार, इसके बाद उनके साथ लात-घूंसों और डंडे से मारपीट की गई। शोर सुनकर उनकी बहन चांदनी मौके पर पहुंचीं तो उनके साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप है।
जान से मारने की धमकी का भी आरोप
जूली शर्मा ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उन्हें और उनकी बहन को जान से मारने की धमकी दी गई। तहरीर में मनोज यादव पर फोन के जरिए आरोपियों को उकसाने और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
दो महीने से अधिकारियों से शिकायत
पीड़िता और उनके पिता का कहना है कि गांव में वर्षों से लोग जिस रास्ते का इस्तेमाल करते आ रहे हैं, उसे एक परिवार अपनी निजी जमीन बताकर बाउंड्रीवाल से बंद करने का प्रयास कर रहा है।
परिवार के मुताबिक, इस संबंध में करीब दो महीने से थाना प्रभारी, उपजिलाधिकारी गोला, जिलाधिकारी गोरखपुर और आईजीआरएस के माध्यम से मुख्यमंत्री तक शिकायत भेजी जा चुकी है। उनका कहना है कि ग्रामीणों की आवाजाही बाधित न हो, इसलिए निर्माण कार्य रोकने और रास्ते की स्थिति स्पष्ट होने तक यथास्थिति बनाए रखने की मांग की गई थी।
मारपीट के पीछे शिकायतों को बताया वजह
जूली शर्मा का आरोप है कि लगातार शिकायत किए जाने से नाराज होकर उनके साथ मारपीट की गई। परिवार ने सामूहिक मार्ग की नाली तोड़ने का आरोप भी लगाया है।
हालांकि, रास्ते की वास्तविक स्थिति, जमीन का स्वामित्व और निर्माण वैध है या नहीं, इसका निर्धारण संबंधित राजस्व और प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगा।
घायल युवती का अस्पताल में इलाज
परिजनों के अनुसार, मारपीट में घायल जूली शर्मा का गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्होंने कान से रक्तस्राव होने की बात कही है।
पुलिस अब वायरल वीडियो के साथ घटनास्थल और विवादित रास्ते से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस सक्रिय
मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस जांच में जुटी है। वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है, ताकि मारपीट की पूरी घटना और उसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके।
सार्वजनिक रास्ते से जुड़ा विवाद अगर समय रहते प्रशासनिक स्तर पर सुलझ जाता, तो मामला हिंसा तक पहुंचने से बच सकता था। अब जरूरी है कि पुलिस मारपीट के आरोपों की निष्पक्ष जांच करे और प्रशासन राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर रास्ते की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे, ताकि ग्रामीणों की आवाजाही और कानून-व्यवस्था दोनों सुरक्षित रहें।


