गोरखपुर के अहिरौली गांव में बिजली विभाग के ठेकेदार शिव कुमार त्रिपाठी की हत्या ने पुरानी दुश्मनी की भयावह तस्वीर सामने ला दी है। ब्रह्मभोज में खाना खाते समय शुरू हुआ हमला अस्पताल पहुंचने से पहले हिंसक हो गया और सड़क पर तलवार से उनकी जान ले ली गई।
ब्रह्मभोज में खाना खाते समय हुआ हमला
8 अगस्त को 52 वर्षीय शिव कुमार त्रिपाठी गांव में एक ब्रह्मभोज में शामिल हुए थे। वह जमीन पर बैठकर खाना खा रहे थे, तभी राहुल चौधरी ने पीछे से बांके से उनके सिर पर हमला कर दिया।
मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव किया तो आरोपी भाग निकला। गंभीर रूप से घायल शिव कुमार को ऑटो से अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में आरोपियों ने ऑटो रोक लिया।
सड़क पर दौड़ाकर की गई हत्या
पुलिस के मुताबिक, राहुल, उसके नाबालिग भाई समेत आठ आरोपियों ने शिव कुमार को ऑटो से बाहर खींच लिया। आरोपियों के पास लाठी-डंडे और धारदार हथियार थे।

इसके बाद शिव कुमार को करीब 200 मीटर दूर ले जाया गया। वहां नाबालिग आरोपी तलवार लेकर पहुंचा और सड़क पर उन्हें दौड़ाकर कई वार किए। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें शिव कुमार को जान बचाने के लिए हाथ जोड़ते देखा जा सकता है।
2024 की हत्या से जुड़ी थी पुरानी रंजिश
पुलिस जांच में हत्या की जड़ 2024 के आदेश चौधरी हत्याकांड से जुड़ी बताई जा रही है। आदेश चौधरी की हत्या के मामले में शिव कुमार के बेटे और उनके कुछ पाटीदारों पर आरोप लगा था। इस मामले में आरोपी जेल भी गए थे।
परिवार के मुताबिक, शिव कुमार के बेटे के जेल से बाहर आने के बाद चौधरी परिवार की नाराजगी और बढ़ गई थी। पुलिस इसी पुरानी रंजिश को मौजूदा हत्याकांड की प्रमुख वजह मानकर जांच कर रही है।
गांव में सन्नाटा, घरों पर ताले
घटना के बाद अहिरौली गांव में तनाव का माहौल है। आरोपियों के घरों पर ताले लगे हैं और सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात है। घरों में बंधे जर्मन शेफर्ड कुत्ते और गाय को भी पुलिसकर्मी खाना-पानी दे रहे हैं।
वहीं शिव कुमार के घर में मातम पसरा है। पत्नी, मां और बेटी का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका बेटा आदित्य, जो पेशे से वकील है, पिता को याद कर बार-बार भावुक हो रहा है।
आठ आरोपी गिरफ्तार, थाना प्रभारी लाइन हाजिर
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ के मुताबिक मामले में सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल धारदार हथियारों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।
मामले में लापरवाही के आरोपों के चलते सिकरीगंज थाना प्रभारी अंजुल चतुर्वेदी को लाइन हाजिर किया गया है।
पुरानी दुश्मनी ने फिर ली जान
यह घटना बताती है कि वर्षों पुरानी दुश्मनी जब खत्म नहीं होती तो उसका असर अगली पीढ़ी तक पहुंच सकता है। एक पुराने हत्याकांड का बदला लेने की कथित कोशिश ने एक परिवार को उजाड़ दिया और पूरे गांव को डर के साए में ला खड़ा किया।
अब पुलिस के सामने सिर्फ आरोपियों को सजा दिलाने की चुनौती नहीं है, बल्कि अहिरौली में वर्षों से चली आ रही इस रंजिश को पूरी तरह खत्म करने की भी बड़ी जिम्मेदारी है।

