झारखंड में JPSC और JSSC की नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद विपक्षी दलों ने राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। समाजवादी पार्टी सांसद अवधेश प्रसाद ने इसे लेकर सरकार के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
‘सरकार तानाशाही के रास्ते पर’
अवधेश प्रसाद ने झारखंड सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार तानाशाही के रास्ते पर चल रही है और उसका रवैया अड़ियल है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उन पर पुलिस बल का इस्तेमाल करना उचित नहीं है। सपा सांसद ने दावा किया कि सरकार को इस कार्रवाई की राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी।
जंतर-मंतर की कार्रवाई पर भी सवाल
अवधेश प्रसाद ने झारखंड के छात्रों के साथ-साथ दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित तौर पर गोलियां कैसे चलीं और इसके लिए आदेश किसने दिया। उनका कहना है कि विपक्ष इन्हीं सवालों पर सरकार से संसद में जवाब मांग रहा है।

राम मंदिर चढ़ावे का मुद्दा भी उठाया
सपा सांसद ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा भी संसद में उठाए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस घटना से करोड़ों लोगों की भावनाएं प्रभावित हुई हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान देश सुनना चाहता है। उनके मुताबिक सरकार इन दोनों मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है।
अखिलेश यादव ने बातचीत को बताया रास्ता
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने झारखंड के छात्र आंदोलन पर कहा कि बातचीत ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है। उन्होंने कहा कि छात्रों और सरकार के बीच लगातार संवाद होना चाहिए। अखिलेश के मुताबिक झारखंड सरकार भी छात्रों से बातचीत के लिए तैयार होने की बात कह चुकी है।
BJP के झारखंड बंद का असर
छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में बीजेपी ने मंगलवार, 11 अगस्त को झारखंड बंद का आह्वान किया। रांची, हजारीबाग, पलामू, गिरिडीह और चतरा समेत कई जिलों में बीजेपी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। कई स्थानों पर सड़क जाम किए जाने की खबरें सामने आईं। ऐसे में छात्र आंदोलन अब केवल भर्ती परीक्षाओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि झारखंड की सियासत में सरकार और विपक्ष के बीच बड़े टकराव का मुद्दा बनता जा रहा है।

