पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के संसद परिसर में किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर कई सवाल उठाए। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं की योजनाओं, E-20 ईंधन नीति और अन्य मुद्दों पर भी सरकार की आलोचना की।
राम मंदिर मुद्दे पर उठाए सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यदि राम मंदिर से जुड़ी कथित चोरी की घटना हुई है, तो इस पर भी जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि धार्मिक भावनाओं की बात की जाती है, तो ऐसे मामलों पर भी गंभीरता दिखाई जानी चाहिए। उन्होंने भाजपा पर हिंदुत्व की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। यह उनके राजनीतिक आरोप हैं।
प्रधानमंत्री आवास तक मार्च का ऐलान
केजरीवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री को संबोधित एक ऑनलाइन याचिका पर करीब 2.33 लाख लोगों के हस्ताक्षर हो चुके हैं। उन्होंने घोषणा की कि 4 अगस्त को वह अपने कार्यालय से लगभग 100 लोगों के साथ प्रधानमंत्री आवास की ओर जाएंगे और इथेनॉल नीति से जुड़े मुद्दों पर यह याचिका सौंपने का प्रयास करेंगे।

E-20 और लक्ष्मी योजना पर सरकार को घेरा
E-20 ईंधन नीति पर बोलते हुए केजरीवाल ने दावा किया कि इस नीति से लोगों की गाड़ियों पर असर पड़ रहा है। वहीं महिलाओं को आर्थिक सहायता देने वाली योजना को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि पात्रता की शर्तें इतनी कड़ी हैं कि अधिकांश महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। उन्होंने पंजाब सरकार की योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां ऐसी शर्तें नहीं रखी गई थीं। ये उनके राजनीतिक दावे हैं।
माफी मांगने वाली युवती का भी किया जिक्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने उस युवती का भी उल्लेख किया, जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि युवती पर दबाव बनाया गया। इस संबंध में उन्होंने केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस समाचार में शामिल नहीं है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
पप्पू यादव के विरोध प्रदर्शन के बाद यह मुद्दा अब विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। फिलहाल विभिन्न दल अपने-अपने पक्ष रख रहे हैं, जबकि संबंधित विवादों और दावों पर अलग-अलग स्तर पर जांच और कानूनी प्रक्रियाएं भी जारी हैं।

