पटना जंक्शन से कथित अपहरण के बाद युवक बंटी यादव की हत्या का मामला अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। इस घटना को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की नेता रोहिणी आचार्य ने बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था कमजोर पड़ चुकी है और अपराधियों में पुलिस का डर नहीं रह गया है। वहीं, सरकार की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया आना बाकी है।
एक्स पोस्ट के जरिए सरकार पर साधा निशाना
सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए रोहिणी आचार्य ने कहा कि राजधानी पटना में हुई यह घटना अपराधियों के बढ़ते मनोबल का संकेत है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों ने खुलेआम कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनके अनुसार, ऐसी घटनाएं यह सवाल खड़ा करती हैं कि राज्य में अपराध पर नियंत्रण कितना प्रभावी है।

पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
रोहिणी आचार्य ने कहा कि बंटी यादव के परिजनों ने घटना की सूचना समय रहते पुलिस को दे दी थी, लेकिन कार्रवाई में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि अपहरण की पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद थी। उनके मुताबिक, यदि पुलिस ने तत्काल प्रभावी कार्रवाई की होती तो संभव है कि युवक की जान बचाई जा सकती थी। हालांकि इन दावों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
अवैध गतिविधियों का विरोध बना वजह?
रोहिणी आचार्य ने आरोप लगाया कि बंटी यादव अपने इलाके में कथित अवैध देह व्यापार का विरोध कर रहे थे और इसी कारण उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि यदि कोई नागरिक समाज में गलत गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।
कानून-व्यवस्था पर तेज हुई राजनीतिक बहस
बंटी यादव हत्याकांड ने बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। विपक्ष सरकार पर गंभीर आरोप लगा रहा है, जबकि जांच एजेंसियां मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। ऐसे संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष जांच और त्वरित न्याय न केवल पीड़ित परिवार के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि जनता का कानून पर भरोसा बनाए रखने के लिए भी आवश्यक है।
बंटी यादव हत्याकांड अब केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति का भी प्रमुख मुद्दा बन चुका है। विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सभी की निगाहें पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं। इस मामले की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी और उसी के आधार पर आगे की जिम्मेदारियां तय होंगी।

