पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक फेरबदल के बाद सामने आ रही आंतरिक मतभेद की खबरों के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी भी नेता से कोई शिकायत नहीं है और पार्टी पूरी तरह एकजुट है। वारिंग ने भरोसा जताया कि अगले एक-दो दिनों में सभी वरिष्ठ नेता एक मंच पर दिखाई देंगे।
‘किसी वरिष्ठ नेता ने अध्यक्ष पर सवाल नहीं उठाया’
मीडिया से बातचीत के दौरान राजा वारिंग ने कहा कि पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल 11 जुलाई को होने वाली आंतरिक बैठक की अध्यक्षता करेंगे। उन्होंने कहा, “मुझे किसी से कोई शिकायत नहीं है, हम सब एकजुट रहेंगे।” चन्नी खेमे की ओर से उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए वारिंग ने कहा कि किसी भी वरिष्ठ नेता ने उनके नेतृत्व पर सवाल नहीं उठाया है।

चन्नी और रंधावा का लिया नाम
राजा वारिंग ने कहा, “आप बताइए, क्या चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा या प्रताप सिंह बाजवा में से किसी वरिष्ठ नेता ने कहा है कि वे मुझे अध्यक्ष के रूप में स्वीकार नहीं करते? किसी ने ऐसा नहीं कहा। अगर कोई बाहरी व्यक्ति ऐसी बातें कहता है, तो पहले यह पूछा जाना चाहिए कि वह कौन है।”
रंधावा को बताया अपना बड़ा भाई
सुखजिंदर सिंह रंधावा के साथ कथित तनाव की खबरों पर वारिंग ने कहा कि रंधावा उनके बड़े भाई जैसे हैं। उन्होंने कहा, “वह हमारे वरिष्ठ नेता हैं। मुझे नहीं लगता कि वे मुझसे नाराज हैं। अगर ऐसा है भी, तो मैं उनसे खुद बात कर लूंगा।” उनके इस बयान को पंजाब कांग्रेस में जारी राजनीतिक खींचतान के बीच संगठन को एकजुट रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

