त्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) जिले के 10 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। दूसरे दिन 7,440 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 6,737 ने परीक्षा दी, जबकि 733 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। देर से पहुंचने वाले कई उम्मीदवारों को प्रवेश नहीं मिला, जिससे कुछ केंद्रों पर नोकझोंक भी हुई।
10 परीक्षा केंद्रों पर हुई परीक्षा
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज की ओर से आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा जिले के 10 परीक्षा केंद्रों पर कराई जा रही है। तीन दिवसीय परीक्षा के लिए जिले में कुल 18,600 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं।
कड़ी जांच के बाद मिला प्रवेश
दोनों पालियों में परीक्षा केंद्रों पर सघन जांच की गई। अभ्यर्थियों से जूते-मोजे, घड़ी, ब्लूटूथ, अंगूठी, कुंडल, कलावा और अन्य आभूषण उतरवाए गए। महिला अभ्यर्थियों के बालों का जूड़ा और क्लचर तक खुलवाकर जांच की गई। पूरी तलाशी के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया।

देर से पहुंचे अभ्यर्थियों को नहीं मिला प्रवेश
बागला इंटर कॉलेज, सरस्वती इंटर कॉलेज और सेकसरिया इंटर कॉलेज सहित कई केंद्रों पर निर्धारित समय के बाद पहुंचे अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया। इस दौरान कुछ अभ्यर्थियों और चेकिंग स्टाफ के बीच नोकझोंक भी देखने को मिली।
733 अभ्यर्थी रहे अनुपस्थित
पहली पाली में 3,720 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 3,309 उपस्थित रहे, जबकि 411 अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में 3,428 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी और 322 अनुपस्थित रहे। इस तरह कुल 7,440 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 6,737 ने परीक्षा दी, जबकि 733 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए।
सीसीटीवी निगरानी में हुई नकलविहीन परीक्षा
परीक्षा केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक और सचल दल लगातार निगरानी करते रहे। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि पूरी परीक्षा सीसीटीवी निगरानी में शांतिपूर्ण और नकलविहीन तरीके से संपन्न हुई।
संस्कृत, अंग्रेजी और गणित के प्रश्न रहे चुनौतीपूर्ण
परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि बाल विकास, मनोविज्ञान और विषय आधारित प्रश्न सामान्य स्तर के थे, लेकिन संस्कृत, अंग्रेजी और गणित के कुछ प्रश्न अपेक्षाकृत कठिन रहे, जिससे कई परीक्षार्थियों को परेशानी हुई।

