गोहाना और आसपास के क्षेत्रों के हजारों यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। हरियाणा रोडवेज ने गोहाना से दिल्ली के बीच सीधी एयर कंडीशंड (एसी) बस सेवा शुरू कर दी है। नई सुविधा से नौकरीपेशा लोगों, छात्रों, व्यापारियों और मरीजों को अब अधिक आरामदायक, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा।
रोजाना दो फेरे लगाएगी नई एसी बस
हरियाणा रोडवेज की नई एसी बस प्रतिदिन दो चक्कर लगाएगी। बस सुबह 10:00 बजे और दोपहर 3:00 बजे गोहाना बस स्टैंड से दिल्ली के लिए रवाना होगी। वापसी में भी बस निर्धारित समय के अनुसार दिल्ली से गोहाना चलेगी। इससे यात्रियों को नियमित और भरोसेमंद परिवहन सुविधा मिलेगी।
गर्मी और भीड़भाड़ से मिलेगी राहत
दिल्ली रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को अक्सर भीड़भाड़ और गर्मी का सामना करना पड़ता है। एसी बस सेवा शुरू होने से विशेष रूप से गर्मी और उमस के मौसम में यात्रा अधिक आरामदायक होगी। अब यात्रियों को निजी वाहनों या भीड़भरी सामान्य बसों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

हर दिन 400 से 500 यात्रियों को होगा फायदा
गोहाना से प्रतिदिन करीब 400 से 500 लोग नौकरी, व्यापार, पढ़ाई, इलाज और सरकारी कार्यों के लिए दिल्ली जाते हैं। अब तक अधिकांश यात्रियों को सामान्य बसों में सीट और सुविधा की समस्या का सामना करना पड़ता था। नई एसी बस सेवा से उन्हें बेहतर यात्रा अनुभव मिलने की उम्मीद है।
किराया कितना होगा?
यात्रियों के लिए सामान्य बस और एसी बस दोनों विकल्प उपलब्ध रहेंगे।
- सामान्य बस का किराया: ₹95 प्रति यात्री
- एसी बस का किराया: ₹135 प्रति यात्री
सिर्फ ₹40 अतिरिक्त देकर यात्री एयर कंडीशंड सुविधा और अधिक आरामदायक सफर का लाभ उठा सकेंगे।
इन शहरों के यात्रियों को भी मिलेगा लाभ
नई एसी बस सेवा का लाभ केवल गोहाना और दिल्ली के यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। सोनीपत से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को भी इसका फायदा मिलेगा। वहीं पहले से संचालित गोहाना-चंडीगढ़ एसी बस के माध्यम से रोहतक, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र और अंबाला के यात्रियों को भी बेहतर परिवहन सुविधा मिल रही है।
गोहाना डिपो के पास 77 बसों का बेड़ा
गोहाना सब डिपो के पास वर्तमान में 77 बसें उपलब्ध हैं, जिनमें लगभग 30 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा पानीपत डिपो की ओर से भी गोहाना तक एसी बस सेवाएं चलाई जा रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि भविष्य में यात्रियों की मांग के अनुसार एसी बसों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है।

