राजधानी दिल्ली में मेट्रो नेटवर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सेंट्रल विस्टा मेट्रो कॉरिडोर के तहत केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन के निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी है। यह परियोजना मैजेंटा लाइन के विस्तार का हिस्सा है और इसके पूरा होने के बाद नई दिल्ली के कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और राष्ट्रीय महत्व के क्षेत्रों तक पहुंच पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगी।
केंद्रीय सचिवालय बनेगा ट्रिपल इंटरचेंज हब
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि केंद्रीय सचिवालय स्टेशन को ट्रिपल इंटरचेंज हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां नई मैजेंटा लाइन का सीधा संपर्क येलो लाइन और वायलेट लाइन से होगा। इससे यात्रियों को अलग-अलग लाइनों के बीच सफर करने में सुविधा मिलेगी और यात्रा का समय भी कम होगा। रोजाना लाखों यात्रियों को इस सुविधा का लाभ मिलने की उम्मीद है।
नौ आधुनिक स्टेशन होंगे शामिल
करीब 9.9 किलोमीटर लंबे इस पूरी तरह भूमिगत कॉरिडोर में कुल नौ स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें शिवाजी स्टेडियम, युगे युगीन भारत, केंद्रीय सचिवालय, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल-हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों के जरिए नई दिल्ली के प्रमुख सरकारी कार्यालयों, राष्ट्रीय स्मारकों और महत्वपूर्ण संस्थानों तक सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।

ट्रैफिक और प्रदूषण कम करने में मिलेगी मदद
अधिकारियों का मानना है कि सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर के चालू होने से सड़क यातायात का दबाव कम होगा और प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। परियोजना का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक, तेज और आधुनिक बनाना है। निर्माण कार्य की शुरुआत के दौरान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह परियोजना भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की क्षमता और कनेक्टिविटी दोनों को नई मजबूती देगी।

