लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग अग्निकांड के बाद प्रशासन और विकास प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष Prathamesh Kumar ने बताया कि प्रारंभिक जांच में 19 कर्मचारी जांच के दायरे में आए हैं। इनमें 16 वर्तमान कर्मचारी और 3 सेवानिवृत्त कर्मचारी शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
7 जुलाई तक जवाब नहीं मिला तो चलेगा बुलडोजर
LDA उपाध्यक्ष ने बताया कि जिस इमारत में कोचिंग संस्थान संचालित हो रहा था, वहां नियमों की अनदेखी और गंभीर लापरवाही के संकेत मिले हैं। भवन स्वामी को नोटिस जारी किया गया है। यदि निर्धारित समय तक संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो 7 जुलाई को भवन के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीएम योगी के निर्देश पर गठित हुईं विशेष टीमें
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश पर पूरे जिले में अवैध इमारतों की जांच के लिए सात विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें जोनवार निरीक्षण कर रही हैं और ऐसे भवनों की पहचान कर रही हैं जहां सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जिन भवनों में फायर सेफ्टी या निर्माण संबंधी खामियां पाई जाएंगी, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई होगी।

2014 में रेजिडेंशियल नक्शा, बाद में शुरू हुआ कमर्शियल उपयोग
प्रथमेश कुमार के अनुसार, संबंधित भवन का नक्शा वर्ष 2014 में आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत किया गया था। बाद में वहां व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर दी गईं। इस पर LDA ने वर्ष 2016 में ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था। हालांकि भवन मालिक द्वारा यह आश्वासन दिए जाने के बाद कि परिसर का उपयोग केवल आवासीय कार्यों के लिए किया जाएगा, ध्वस्तीकरण आदेश वापस ले लिया गया था।
हादसे के बाद तेज हुई जवाबदेही की जांच
अलीगंज अग्निकांड में हुई जनहानि के बाद अब प्रशासनिक और तकनीकी जिम्मेदारियों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक भवन का मामला नहीं है, बल्कि पूरे शहर में सुरक्षा मानकों की समीक्षा का अभियान चलाया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों और भवन स्वामियों पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

