बिहार की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पूर्व विधायक और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के करीबी माने जाने वाले डॉ. मुकेश रोशन को कथित तौर पर व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए धमकी मिलने का मामला सामने आया। धमकी देने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया है। घटना के बाद पूर्व विधायक ने पुलिस से सुरक्षा और मामले की गहन जांच की मांग की है।
पटना SSP और थाने में दी शिकायत
डॉ. मुकेश रोशन ने पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और स्थानीय अगमकुआं थाना में लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की जानकारी दी है। आवेदन में उन्होंने बताया कि उनके व्हाट्सएप नंबर पर लगातार कॉल और संदेश भेजे गए, जिनमें धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने पुलिस से इस मामले को गंभीरता से लेने का अनुरोध किया है।
परिवार की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
पूर्व विधायक ने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि उनके परिवार का आपराधिक घटनाओं से पुराना संबंध रहा है। उन्होंने बताया कि उनके पिता समेत कई रिश्तेदारों की पूर्व में हत्या हो चुकी है। ऐसे में मौजूदा धमकी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने अपने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम आने से बढ़ी गंभीरता
धमकी भरे संदेश में कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का उल्लेख किया गया है। हालांकि पुलिस अभी इस दावे की पुष्टि नहीं कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि संदेश भेजने वाला व्यक्ति वास्तव में किसी संगठित गिरोह से जुड़ा है या फिर किसी ने डर फैलाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है।
तकनीकी जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल नंबर की लोकेशन और डिजिटल ट्रेल को खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान कर ली जाएगी। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जा रही है।
राजनीति में सक्रिय चेहरा हैं मुकेश रोशन
डॉ. मुकेश रोशन महुआ विधानसभा क्षेत्र से 2020 में विधायक चुने गए थे। 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने RJD के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद वे पार्टी के सक्रिय नेताओं में गिने जाते हैं और तेजस्वी यादव के करीबी माने जाते हैं।

