बिहार में चर्चित कोचिंग विवाद और प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत का मामला अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर CBI जांच की मांग की है, जबकि बीजेपी ने इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करने की सलाह दी है।
CBI जांच की मांग के साथ बढ़ा दबाव
राष्ट्रीय जनता दल के नेता Tejashwi Yadav ने मुख्यमंत्री Samrat Choudhary को पत्र लिखकर मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की मांग की है। उनका कहना है कि दो कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद और इसके बाद प्रिंस यादव की नेपाल में हुई संदिग्ध मौत ने मामले को बेहद गंभीर बना दिया है।
क्या है पूरा मामला?
प्रिंस यादव, कोचिंग संचालक रौशन आनंद के भाई थे। उनकी नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी, जिसके बाद पूरे मामले ने राजनीतिक और सामाजिक बहस का रूप ले लिया। परिवार और समर्थक निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि विभिन्न राजनीतिक दल भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
बीजेपी ने क्या कहा?
बिहार सरकार में मंत्री Ram Kripal Yadav ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार सभी पहलुओं पर विचार कर रही होगी। उन्होंने तेजस्वी यादव को सलाह दी कि इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उनके अनुसार सभी दलों की जिम्मेदारी है कि राज्य में सकारात्मक माहौल बनाए रखें।

शिक्षा क्षेत्र पर भी जताई चिंता
रामकृपाल यादव ने कहा कि शिक्षा का क्षेत्र समाज निर्माण का माध्यम होना चाहिए, लेकिन कुछ जगहों पर इसे व्यवसाय का रूप दे दिया गया है। उन्होंने चिंता जताई कि शिक्षा संस्थानों के बीच बढ़ते विवाद छात्रों के भविष्य और राज्य की छवि दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।
जाति और धर्म से ऊपर उठने की अपील
मामले को जातीय और धार्मिक दृष्टिकोण से देखे जाने के सवाल पर बीजेपी नेता ने कहा कि शिक्षा को किसी भी हालत में जाति या धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उनके अनुसार शिक्षक और शिक्षा संस्थान समाज को जोड़ने का काम करते हैं, इसलिए उन्हें विवादों से दूर रहकर केवल शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए।
बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर असर
पिछले कुछ वर्षों में बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं और कोचिंग संस्थानों का बड़ा नेटवर्क विकसित हुआ है। इससे हजारों छात्रों को राज्य में ही बेहतर तैयारी का अवसर मिला है। ऐसे में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विवादों को लेकर सरकार और समाज दोनों की चिंता स्वाभाविक मानी जा रही है।

