बिहार के क्रिकेट प्रेमियों और युवा खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बिहार की अपनी आईपीएल टीम बनाने की वकालत करते हुए सोशल मीडिया पर बड़ा बयान दिया है। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति और खेल जगत में नई चर्चा शुरू हो गई है। लंबे समय से बिहार के क्रिकेट प्रशंसक यह मांग उठाते रहे हैं कि राज्य को भी आईपीएल में अपनी पहचान मिलनी चाहिए। अब देश के बड़े उद्योगपति की तरफ से इस मुद्दे को खुलकर समर्थन मिलने के बाद उम्मीदें और बढ़ गई हैं।
सम्राट चौधरी ने भी दिया सकारात्मक संकेत
अनिल अग्रवाल के पोस्ट पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार क्रिकेट को लेकर स्पष्ट विजन और मिशन मोड में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य के क्रिकेट इमोशन को समझते हुए सरकार सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगी। सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि अनिल अग्रवाल जैसे उद्योगपतियों के सहयोग से बिहार क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। उनके इस जवाब ने क्रिकेट प्रेमियों के बीच नई उम्मीद जगा दी है।

बिहार के खिलाड़ियों की उपलब्धियों का किया जिक्र
अनिल अग्रवाल ने अपने पोस्ट में बिहार के क्रिकेट खिलाड़ियों की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पटना में जन्मे ईशान किशन ने वनडे क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक लगाकर दुनिया का ध्यान खींचा। वहीं समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में आईपीएल डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बने। इसके अलावा गोपालगंज के साकिब हुसैन की गेंदबाजी की भी उन्होंने जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि बिहार की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है लेकिन राज्य को अभी तक क्रिकेट में वह पहचान नहीं मिल सकी जिसका वह हकदार है।
विश्वस्तरीय सुविधाओं से बदल सकती है तस्वीर
अनिल अग्रवाल ने कहा कि उनका सपना है कि बिहार के युवाओं को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं मिलें। उन्होंने भरोसा जताया कि अगर खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर मिले तो बिहार की टीम दुनिया की बेहतरीन टीमों में शामिल हो सकती है। उन्होंने बिना किसी शर्त बिहार क्रिकेट को समर्थन देने की बात कही और कहा कि बिहार उनके लिए सिर्फ एक राज्य नहीं बल्कि एक भावना है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में बिहार को आईपीएल में अपनी टीम दिलाने की दिशा में क्या बड़े कदम उठाए जाते हैं।

