दिल्ली के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए लंबे इंतजार के बाद बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राजधानी में पिछले 13 वर्षों से बंद पड़े नए राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया अब दोबारा शुरू होने जा रही है। दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बड़े फैसले का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि 15 जून से नए राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस फैसले से उन लाखों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है जो वर्षों से राशन कार्ड बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पुराने राशन कार्डों का ऑडिट कराया जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पाया गया कि 1 लाख 44 हजार लोग तय आय सीमा से ऊपर होने के बावजूद राशन सुविधा का लाभ ले रहे थे। वहीं 35 हजार ऐसे लोग मिले जिन्होंने पिछले एक साल से राशन ही नहीं लिया। इसके अलावा 29 हजार राशन कार्ड धारकों की मृत्यु हो चुकी थी जबकि 23 हजार डुप्लीकेट राशन कार्ड भी सामने आए। सरकार के मुताबिक कुल 7 लाख 72 हजार से अधिक लोग अपात्र पाए गए हैं और अब उनकी जगह पात्र परिवारों को राशन कार्ड जारी किए जाएंगे।
आय सीमा बढ़ाने की तैयारी से बढ़ेगा दायरा
Rekha Gupta ने कहा कि सरकार राशन कार्ड के लिए आय सीमा में भी बड़ा बदलाव करने जा रही है। अभी तक राशन कार्ड के लिए सालाना आय सीमा 1.25 लाख रुपये थी लेकिन अब इसे बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये करने की तैयारी है। यानी अब मध्यम वर्ग के कई परिवार भी इस योजना के दायरे में आ सकेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस संबंध में जल्द ही कैबिनेट में बिल लाया जाएगा।
सरकार का दावा है कि इस फैसले से लाखों ऐसे परिवारों को राहत मिलेगी जो बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव के बीच सरकारी सहायता की उम्मीद कर रहे हैं। खास बात यह है कि पिछले 13 सालों में करीब 3 लाख 72 हजार लोगों ने राशन कार्ड के लिए आवेदन किया था लेकिन उन्हें कार्ड जारी नहीं किए गए। अब सरकार इन लंबित आवेदनों पर भी कार्रवाई करने की तैयारी में है। इससे दिल्ली के गरीब और निम्न आय वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।

ऑनलाइन प्रक्रिया से खत्म होंगे दफ्तरों के चक्कर
सरकार ने राशन कार्ड आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन करने का फैसला लिया है। इसका मकसद भ्रष्टाचार कम करना और लोगों को पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना बताया जा रहा है। अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी बल्कि वे घर बैठे आवेदन कर सकेंगे। प्रशासन का कहना है कि इससे फर्जी राशन कार्डों पर भी लगाम लगेगी और वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक सरकारी सहायता पहुंच सकेगी।
दिल्ली सरकार के इस फैसले को राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम माना जा रहा है। विपक्ष जहां पुराने सिस्टम में हुई गड़बड़ियों पर सवाल उठा रहा है वहीं सरकार इसे सुधार और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम बता रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि राशन कार्ड जैसी बुनियादी सुविधा का दोबारा शुरू होना राजधानी के गरीब वर्ग के लिए राहत भरा फैसला साबित हो सकता है। आने वाले समय में यह योजना दिल्ली की राजनीति और सामाजिक ढांचे दोनों पर असर डाल सकती है।
क्या दिल्ली में बदल जाएगी राशन व्यवस्था की तस्वीर?
राजधानी में राशन कार्ड प्रक्रिया दोबारा शुरू होने के बाद अब लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। खासकर उन परिवारों में खुशी देखी जा रही है जो वर्षों से सरकारी सहायता पाने के लिए इंतजार कर रहे थे। सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था के तहत केवल पात्र लोगों को ही लाभ मिलेगा और फर्जीवाड़े पर पूरी तरह रोक लगाने की कोशिश की जाएगी।
अब सभी की नजर 15 जून से शुरू होने वाली ऑनलाइन प्रक्रिया पर टिकी है। अगर सरकार अपनी योजना को सही तरीके से लागू कर पाती है तो दिल्ली में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। साथ ही लाखों जरूरतमंद परिवारों को राहत और खाद्य सुरक्षा का बड़ा सहारा मिल सकता है।

