मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में हाईकोर्ट के हालिया फैसले के बाद धार्मिक गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। रविवार 17 मई को सुबह सूर्योदय के साथ यहां विशेष पूजा कार्यक्रमों की शुरुआत की गई। परिसर में अखंड ज्योत की स्थापना की गई और हवन पूजन का आयोजन हुआ। मां वाग्देवी के प्रतीकात्मक चित्र की भी स्थापना की गई जिससे पूरे वातावरण में धार्मिक आस्था का माहौल गहरा गया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ सुबह से ही परिसर में पहुंचने लगी और धार्मिक विधियों में भाग लिया।
अखंड ज्योत स्थापना और हवन में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
भोजशाला परिसर में इस अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन और वास्तु पूजन कराया गया। अखंड ज्योत की स्थापना को श्रद्धालुओं ने अत्यंत शुभ माना और इसे आस्था की बड़ी घटना बताया। परिसर को पूजा से पहले गोमूत्र और गोबर से विधिवत रूप से शुद्ध किया गया। पूरे आयोजन के दौरान भक्तों में उत्साह और भक्ति का माहौल देखा गया। लोग दूर दूर से इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए पहुंचे और पूजा विधियों में भाग लिया।

केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने किया पूजा में हिस्सा
इस धार्मिक आयोजन में केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर भी भोजशाला पहुंचीं और उन्होंने विधिवत पूजा अर्चना और हवन में भाग लिया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह आस्था और धर्म की बड़ी जीत है। उन्होंने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह स्थान राजा भोज की धार्मिक और शैक्षणिक विरासत का प्रतीक रहा है। उनके अनुसार यह फैसला सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है और इससे आस्था को मजबूती मिली है।
प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी रहा आयोजन
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। कलेक्टर राजीव रंजन मीना और एसपी सचिन शर्मा भी मौके पर मौजूद रहे और पूरे आयोजन की निगरानी की। अधिकारियों ने बताया कि उच्च न्यायालय और एएसआई के निर्देशों के अनुसार नई गाइडलाइन के तहत पूजा अर्चना कराई जा रही है। पूरे शहर और परिसर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।

