बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव से पहले प्रशासनिक तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) शनिवार को सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई। यह पूरी प्रक्रिया केंद्रीय निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार 11 से 16 मई के बीच फुलवारीशरीफ प्रखंड परिसर स्थित वीवीपैट वेयरहाउस में संपन्न हुई। जांच का कार्य इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) के विशेषज्ञ अभियंताओं की निगरानी में किया गया।
राजनीतिक दलों की मौजूदगी में हुई पारदर्शी जांच
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। जांच के दौरान मॉक पोल भी कराया गया, जिसमें मशीनों का चयन प्रतिनिधियों द्वारा यादृच्छिक तरीके से किया गया। इससे यह सुनिश्चित किया गया कि ईवीएम और वीवीपैट मशीनें पूरी तरह से सुरक्षित और सही तरीके से काम कर रही हैं। प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

844 ईवीएम और वीवीपैट मशीनें जांच में सही पाई गईं
निर्वाचन विभाग के अनुसार एफएलसी प्रक्रिया में कुल 844 बैलेट यूनिट, 844 कंट्रोल यूनिट और 844 वीवीपैट मशीनों की जांच की गई। सभी मशीनें जांच के दौरान पूरी तरह से सही पाई गईं। इन मशीनों को आगामी उपचुनाव में उपयोग के लिए राजनीतिक दलों की मौजूदगी में फुलवारीशरीफ स्थित वीवीपैट वेयरहाउस के वज्रगृह में सुरक्षित रूप से रख दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती है।
बांकीपुर सीट पर उपचुनाव को लेकर बढ़ी हलचल
बांकीपुर विधानसभा सीट बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से एक महत्वपूर्ण सीट है, जो पटना जिले के अंतर्गत आती है और पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। इस सीट पर लंबे समय तक भाजपा के Nitin Nabin विधायक रहे हैं। उनके राज्यसभा जाने के बाद यह सीट खाली हो गई है और अब यहां उपचुनाव की तैयारी तेज हो गई है। प्रशासनिक स्तर पर मशीनों की सुरक्षा और निरीक्षण के बाद अब राजनीतिक हलचल भी बढ़ने लगी है।

