पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल तेजी से गर्माने लगा है। इसी बीच Lok Janshakti Party (Ram Vilas) ने बड़ा राजनीतिक दांव चलते हुए राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब प्रभारी डॉ. केपी चौधरी ने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पार्टी अब पंजाब की राजनीति में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की तैयारी कर चुकी है। इस घोषणा के बाद पंजाब की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है क्योंकि अब मुकाबला और ज्यादा दिलचस्प होने वाला माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस फैसले से कई दलों के चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।
चिराग पासवान के नेतृत्व में पंजाब पर फोकस
डॉ. केपी चौधरी ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Chirag Paswan के मार्गदर्शन में अब पंजाब को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इसी रणनीति के तहत 9 मई को जालंधर में पार्टी की अहम बैठक आयोजित की जा रही है जिसमें चुनावी तैयारी और संगठन विस्तार पर चर्चा होगी। इसके अलावा 14 जून को Lovely Professional University में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई गई है। पार्टी का दावा है कि इस कार्यक्रम में 8 से 10 हजार लोगों की भागीदारी हो सकती है। बताया जा रहा है कि चिराग पासवान खुद भी पंजाब का दौरा करेंगे और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने की कोशिश करेंगे। पार्टी का उद्देश्य पंजाब में अपनी मजबूत राजनीतिक पहचान बनाना और युवाओं व दलित वोट बैंक को अपने साथ जोड़ना है।

भाजपा गठबंधन पर दिए संकेत, चुनावी रणनीति पर सस्पेंस
प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा के साथ संभावित गठबंधन को लेकर भी बड़ा बयान सामने आया। डॉ. केपी चौधरी ने कहा कि भाजपा के साथ पार्टी का केंद्र में गठबंधन पहले से है इसलिए पंजाब चुनाव में गठबंधन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि उन्होंने साफ किया कि इस पर अंतिम फैसला चुनाव के समय ही लिया जाएगा। इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति में नए कयास लगने शुरू हो गए हैं। राजनीतिक विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अगर भाजपा और लोक जनशक्ति पार्टी साथ आती हैं तो चुनावी मुकाबले का स्वरूप बदल सकता है। फिलहाल पार्टी अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटी दिखाई दे रही है लेकिन गठबंधन को लेकर suspense अभी भी बना हुआ है। यही कारण है कि आने वाले महीनों में पंजाब की राजनीति और ज्यादा रोचक होने की संभावना है।
बेरोजगारी और नशे के मुद्दे पर सरकार को घेरा
पार्टी ने पंजाब की मौजूदा समस्याओं को भी चुनावी एजेंडे का अहम हिस्सा बनाने के संकेत दिए हैं। डॉ. चौधरी ने कहा कि बेरोजगारी और युवाओं में बढ़ती नशे की लत पंजाब की सबसे बड़ी समस्याएं बन चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा Aam Aadmi Party सरकार अपने वादों को पूरा करने में नाकाम रही है और जनता अब बदलाव चाहती है। पार्टी ने यह भी दावा किया कि पंजाब में अनुसूचित जाति समुदाय की बड़ी आबादी उनके लिए मजबूत समर्थन आधार बन सकती है। महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी महिलाओं को पूरा सम्मान और अधिकार देने के पक्ष में है। इन बयानों से साफ है कि लोक जनशक्ति पार्टी पंजाब में खुद को एक बड़े विकल्प के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रही है।

