उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को मुख्यमंत्री घोषणाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और प्रभावी निगरानी के लिए प्रोग्राम इवैल्यूएशन एंड रिव्यू टेक्निक (PERT) चार्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में देरी किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और हर घोषणा की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित होनी चाहिए। बैठक में विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों की योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई और लंबित कार्यों को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया गया।
जनसमस्याओं के समाधान को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने बिजली, पेयजल, वनाग्नि, मानव-वन्यजीव संघर्ष और सड़क से जुड़ी समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़ी बुनियादी समस्याओं को तुरंत हल किया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर भी मुख्यमंत्री ने विशेष निर्देश दिए और कहा कि अस्पतालों की व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विधायक अपने क्षेत्रों में जिन समस्याओं को उठा रहे हैं, उन्हें गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।

लंबित घोषणाओं पर तय की गई समयसीमा
मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन घोषणाओं के शासनादेश अभी तक जारी नहीं हुए हैं, उन्हें हर हाल में 15 जून 2026 तक जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि किसी भी योजना में बाधा न आए। बैठक में यह भी तय किया गया कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गति दोनों सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं को सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर भी प्रभावी रूप से लागू किया जाए ताकि जनता को वास्तविक लाभ मिल सके।
धार्मिक सर्किट और आधारभूत ढांचे पर बड़ा फोकस
मुख्यमंत्री ने धार्मिक और पर्यटन विकास पर भी बड़ा फोकस दिया। उन्होंने रघुनाथ मंदिर, लक्ष्मण मंदिर और सीता माता मंदिर को धार्मिक सर्किट के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने पौड़ी में युवाओं के लिए मल्टीपर्पज हॉल बनाने और हर विकासखंड में बालिकाओं के लिए छात्रावास निर्माण की योजना पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में सौर ऊर्जा (सोलर पैनल) का उपयोग बढ़ाया जाए और पार्किंग की समस्या का समाधान प्राथमिकता से किया जाए। बैठक में कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और जिलाधिकारी वर्चुअल रूप से भी शामिल रहे।

