दतिया के पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। भ्रष्टाचार के 25 साल पुराने एफडी घोटाले मामले में पहले ही एमपी-एमएलए कोर्ट से उन्हें 3 साल की सजा सुनाई जा चुकी है। इसके बाद राहत की उम्मीद लगाए बैठे पूर्व विधायक को फिलहाल किसी प्रकार की राहत नहीं मिली है, जिससे उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
एफडी घोटाले में 3 साल की सजा, पहले ही जा चुकी है विधायकी
विशेष अदालत ने राजेन्द्र भारती को सहकारी बैंक अध्यक्ष रहते हुए एफडी घोटाले के जरिए धोखाधड़ी कर रकम हड़पने का दोषी पाया था। इसी मामले में उन्हें 3 साल की सजा और डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद उनकी विधायकी समाप्त हो गई थी और दतिया सीट को रिक्त घोषित कर दिया गया था।

हाईकोर्ट में जमानत और स्टे की मांग, सुनवाई जुलाई तक टली
राजेन्द्र भारती ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी। उन्होंने सजा पर रोक और जमानत की मांग भी की, लेकिन अदालत ने तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 29 जुलाई तय की है, जिससे फिलहाल उनकी मुश्किलें बरकरार हैं।
दतिया में उपचुनाव की आहट, राजनीतिक सरगर्मी तेज
हाईकोर्ट से राहत न मिलने के चलते अब दतिया में उपचुनाव की संभावना तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं गर्म हैं कि आने वाले 2–3 महीनों में क्षेत्र का चुनावी माहौल पूरी तरह बदल सकता है। चुनाव आयोग को पहले ही रिक्त सीट की सूचना भेजी जा चुकी है, जिससे राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।

