प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 अप्रैल 2026 की रात राष्ट्र को संबोधित करते हुए विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष महिलाओं के अधिकारों को रोककर ताली बजा रहा है। पीएम मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पारित न होने को लेकर विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराया और इसे देश की नारी शक्ति के साथ अन्याय बताया। उनके इस संबोधन के बाद देश की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट बढ़ गई है।
पप्पू यादव का पीएम मोदी पर तीखा वार
पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने प्रधानमंत्री पर सीधा हमला करते हुए अपने एक्स पोस्ट में तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने लिखा कि 12 साल के शासन के बाद भी अगर कांग्रेस और विपक्ष का प्रभाव बना हुआ है तो यह सरकार की विफलता है। उन्होंने पीएम मोदी को “भूतपूर्व बनने” और कुर्सी छोड़ने तक की सलाह दे डाली। पप्पू यादव के इस बयान ने राजनीतिक हलचल और तेज कर दी है।

आरजेडी का तंज, पीएम के संबोधन को बताया ‘नौटंकी’
आरजेडी ने भी पीएम मोदी के संबोधन पर व्यंग्य करते हुए प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि पूरा भाषण एक “कॉमेडी शो” जैसा था और अब “नयनजल” भी गिरा देना चाहिए। आरजेडी के इस तंज ने सियासी बहस को और तीखा बना दिया है। विपक्षी दल लगातार सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि वह मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
तेजस्वी यादव ने महिला आरक्षण मुद्दे पर केंद्र को घेरा
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण बिल का समर्थन करता है, लेकिन सरकार गलत धारणा फैला रही है कि विपक्ष इसके खिलाफ है। तेजस्वी ने दावा किया कि यह बिल पहले ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका है और इसके लागू होने की समयसीमा पहले से तय है। उन्होंने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।

