इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन में Delhi Capitals का प्रदर्शन अब तक शानदार रहा है। टीम ने अपने दोनों शुरुआती मुकाबलों में जीत दर्ज की है, जिसमें बल्लेबाजों के साथ-साथ गेंदबाजों ने भी अहम भूमिका निभाई है। खासकर समीर रिजवी का बल्ले से योगदान टीम के लिए निर्णायक साबित हुआ है। अब दिल्ली की टीम अपने तीसरे मुकाबले में अपने होम ग्राउंड Arun Jaitley Stadium पर Gujarat Titans के खिलाफ मैदान में उतरेगी, जहां सभी की नजरें पिच और खेल के हालात पर टिकी रहेंगी।
अरुण जेटली स्टेडियम की पिच पर बल्लेबाजों का दबदबा
अरुण जेटली स्टेडियम की पिच को लेकर इतिहास बताता है कि यहां बल्लेबाजों को ज्यादा मदद मिलती है। आईपीएल के अब तक के आंकड़ों के अनुसार इस मैदान पर खेले गए 98 मुकाबलों में 47 बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है, जबकि 50 बार लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम ने जीत दर्ज की है। इसका मतलब है कि टॉस जीतने वाली टीम अक्सर चेज करना पसंद करती है। इस मैच में पिच नंबर-5 पर मुकाबला खेला जाएगा, जहां हाई-स्कोरिंग गेम की संभावना बनी रहती है और बल्लेबाजों को रन बनाने के अच्छे मौके मिलते हैं।

नई गेंद और डेथ ओवर्स में अहम भूमिका निभाएंगे गेंदबाज
इस मैदान पर शुरुआती 3-4 ओवर गेंदबाजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि नई गेंद से स्विंग और मूवमेंट मिल सकता है। यदि गेंदबाज शुरुआती विकेट निकालने में सफल नहीं होते हैं, तो बल्लेबाज बड़ा स्कोर खड़ा कर सकते हैं। बीच के ओवरों में पिच थोड़ी धीमी हो सकती है, जिससे स्पिन गेंदबाजों को मदद मिलने की संभावना रहती है। वहीं, रात के मुकाबले में ओस की भूमिका भी अहम होगी, जो आमतौर पर 12वें ओवर के बाद असर दिखाती है। पहली पारी का औसत स्कोर 185 से 190 रन के बीच रहता है, ऐसे में 200+ स्कोर एक मजबूत लक्ष्य माना जाएगा।
हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में गुजरात टाइटंस का पलड़ा भारी
आईपीएल इतिहास में Gujarat Titans और Delhi Capitals के बीच अब तक कुल 7 मुकाबले खेले गए हैं, जिसमें गुजरात ने 4 और दिल्ली ने 3 मैच जीते हैं। अरुण जेटली स्टेडियम में भी दोनों टीमों के बीच हुए 3 मुकाबलों में गुजरात ने 2 बार जीत दर्ज की है, जबकि दिल्ली सिर्फ एक मैच जीत पाई है। ऐसे में इस मुकाबले में जहां दिल्ली अपने घरेलू मैदान का फायदा उठाना चाहेगी, वहीं गुजरात टाइटंस अपने बेहतर हेड-टू-हेड रिकॉर्ड को बरकरार रखने के इरादे से उतरेगी।

