वनडे वर्ल्ड कप 2011 को जीते हुए भारत को आज पूरे 15 साल हो चुके हैं। 2 अप्रैल 2011 के दिन India ने फाइनल मुकाबले में Sri Lanka को हराकर खिताब अपने नाम किया था। यह जीत भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सुनहरे पलों में से एक मानी जाती है। उस समय टीम की कमान MS Dhoni के हाथों में थी। उनकी कप्तानी में भारत ने लंबे इंतजार के बाद दूसरी बार वनडे वर्ल्ड कप जीता। खास बात यह है कि इसके बाद भारत ने कई आईसीसी ट्रॉफी तो जीतीं लेकिन वनडे वर्ल्ड कप का खिताब अब तक नहीं जीत सका। यही कारण है कि 2011 की जीत आज भी बेहद खास और भावनात्मक मानी जाती है।
फाइनल मैच में क्यों हुआ दो बार टॉस
2011 वर्ल्ड कप फाइनल मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया था जहां माहौल बेहद शोर भरा था। मैच से पहले जब टॉस हुआ तो उसे पहली बार MS Dhoni ने जीत लिया था। लेकिन Kumar Sangakkara ने यह दावा किया कि उन्होंने हेड्स बोला था और सिक्का भी उसी तरफ गिरा था। हालांकि मैच रेफरी Jeff Crowe उस शोर में सही से सुन नहीं पाए। स्टेडियम में भारी भीड़ और शोर के कारण संवाद स्पष्ट नहीं हो पाया। इस स्थिति को देखते हुए विवाद बढ़ने की संभावना थी इसलिए निर्णय लिया गया कि टॉस दोबारा कराया जाए ताकि किसी तरह का भ्रम या विवाद न रहे।

दूसरी बार टॉस और श्रीलंका का फैसला
जब दूसरी बार टॉस कराया गया तो इस बार Kumar Sangakkara ने टॉस जीत लिया। उन्होंने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। हालांकि इसका फायदा श्रीलंका की टीम को ज्यादा नहीं मिल सका। भारत की गेंदबाजी और फिर बल्लेबाजी ने मैच को अपने पक्ष में कर लिया। दूसरी ओर फैंस के बीच यह सवाल भी उठता रहा कि आखिर एक फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में दो बार टॉस क्यों कराया गया। इस घटना ने उस मैच को और भी चर्चित बना दिया। कई लोगों के लिए यह एक अनोखी और दुर्लभ घटना थी जो आज भी क्रिकेट इतिहास में चर्चा का विषय बनी रहती है।
धोनी का सिक्स और मैच से जुड़े दिलचस्प किस्से
फाइनल मुकाबले में भारत की जीत का सबसे यादगार पल वह था जब MS Dhoni ने छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई। जिस बल्ले से उन्होंने वह ऐतिहासिक सिक्स लगाया था उसकी नीलामी बाद में लंदन में एक चैरिटी डिनर के दौरान हुई थी और वह लाखों रुपये में बिका। यह बल्ला क्रिकेट इतिहास के सबसे महंगे बल्लों में शामिल माना जाता है। वहीं Sachin Tendulkar ने पूरे टूर्नामेंट में अपने टोटके को जारी रखा था जिसमें वह बाएं पैर का पैड पहले पहनते थे। मैच के दौरान जब Virender Sehwag और सचिन जल्दी आउट हो गए थे तब माहौल थोड़ा तनावपूर्ण हो गया था लेकिन अंततः धोनी की कप्तानी और निडर बल्लेबाजी ने भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई और पूरे देश में जश्न का माहौल बन गया।

