पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब आम लोगों की थाली तक पहुंचने लगा है। कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी ने होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों की परेशानी बढ़ा दी है। नई कीमतों के बाद दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2078.50 रुपये हो गई है।
कीमतों में यह उछाल मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक तेल आपूर्ति में बाधा के कारण आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने से कच्चे तेल और गैस की कीमतों में तेजी आई है, जिसका सीधा असर भारत जैसे आयातक देशों पर पड़ रहा है।
इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर छोटे कारोबारियों पर दिख रहा है। कनॉट प्लेस में ‘ढाबा फूड’ चलाने वाले दीपक बताते हैं कि पहले से ही सिलेंडर की कमी और महंगे दामों के कारण उनका व्यवसाय प्रभावित था। अब कीमत बढ़ने से लागत और बढ़ गई है, जिससे उन्हें खाने के दाम बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ सकता है। उनका कहना है कि पिछले एक महीने में उनके कारोबार में 40% तक गिरावट आई है।
वहीं, बड़े रेस्टोरेंट संचालकों की स्थिति भी अलग नहीं है। एक रेस्टोरेंट मालिक के अनुसार, उन्हें सिलेंडर ब्लैक में 3000 रुपये तक में खरीदना पड़ रहा था। अब आधिकारिक कीमत बढ़ने के बाद लागत और बढ़ेगी, जिसका असर मेन्यू पर साफ दिखाई देगा।
रेहड़ी-पटरी पर खाना बेचने वाले छोटे विक्रेता भी इस संकट से जूझ रहे हैं। मिंटो रोड पर दुकान लगाने वाले सचिन बताते हैं कि उन्हें पहले से ही सिलेंडर महंगे दाम पर खरीदना पड़ रहा था, और अब नई बढ़ोतरी के बाद मुनाफा लगभग खत्म हो गया है। ग्राहक ज्यादा कीमत देने को तैयार नहीं हैं, जिससे उनका व्यवसाय घाटे में जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द सामान्य नहीं हुए, तो खाने-पीने की चीजों के दाम और बढ़ सकते हैं। फिलहाल, गैस की बढ़ती कीमतों ने होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है, जिसका बोझ अंततः आम ग्राहकों पर ही पड़ेगा।

