भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की नेता और राज्यसभा सांसद, सोनिया गांधी पिछले कुछ दिनों से सर गंगाराम अस्पताल, दिल्ली में भर्ती हैं। उनकी तबीयत को लेकर देशभर में चिंता का माहौल है। इस बीच, झारखंड के गोड्डा से भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर विवादित टिप्पणी की। दुबे ने सोनिया गांधी की सलामती की कामना करते हुए कहा कि उनका इलाज दुनिया के सबसे अच्छे डॉक्टरों द्वारा होना चाहिए।
राहुल गांधी के बयान को लेकर निशिकांत दुबे ने उठाए सवाल
निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपने बयान को रिपोस्ट करते हुए राहुल गांधी के पुराने बयान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने हाल ही में कहा था कि अपोलो अस्पताल में जाकर पता करें कि कौन-सा डॉक्टर एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग का है। दुबे ने इस बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में कभी डॉक्टर की जाति नहीं पूछी और सोनिया गांधी के इलाज के दौरान भी ऐसा सवाल नहीं पूछा गया। उनका कहना है कि इस तरह की बातें समाज में भ्रम और विवाद पैदा करती हैं।

सोरोस एजेंडा और देश की एकता पर निशिकांत की टिप्पणी
निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश को बांटने का काम कर रहे हैं और यह सब जार्ज सोरोस के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि जब सोनिया गांधी का इलाज एक निजी अस्पताल में हो रहा है, जहां आरक्षण लागू नहीं है, तो क्या राहुल गांधी को सरकारी अस्पतालों में भरोसा नहीं है। दुबे ने कहा कि सोनिया गांधी के इलाज को लेकर राजनीति करना सही नहीं है और इस समय देश को जोड़ने की जरूरत है।
दुबे ने फिर दोहराई सलामती की कामना और कांग्रेस पर सवाल
निशिकांत दुबे ने एक अन्य पोस्ट में लिखा कि सोनिया गांधी का इलाज जिस अस्पताल में हो रहा है वहां आरक्षण लागू नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि एम्स में इलाज होता तो 60 प्रतिशत आरक्षित वर्ग के डॉक्टर होते। दुबे ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर सवाल उठाया कि उन्होंने देश की जनता को भड़काने का प्रयास क्यों किया। उन्होंने कहा कि हम सभी सोनिया गांधी की स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं, लेकिन कांग्रेस ने अपनी स्थिति को कमजोर किया है।

