देश के सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक Delhi-Dehradun Expressway अब लगभग तैयार हो चुका है। मार्च 2026 तक इस 212 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का करीब 99 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। पहले इसकी शुरुआत फरवरी में होने की उम्मीद थी लेकिन कुछ तकनीकी कार्य और फिनिशिंग के कारण इसकी तारीख थोड़ी आगे बढ़ा दी गई है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से दिल्ली और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ यात्रा को आसान बनाएगा बल्कि क्षेत्र के विकास को भी नई रफ्तार देगा।
अप्रैल में शुरू हो सकता है सफर
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी National Highways Authority of India के अधिकारियों के अनुसार एक्सप्रेसवे का उद्घाटन अप्रैल के शुरुआती दिनों में हो सकता है। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। प्रोजेक्ट के चारों फेज में अधिकांश काम पूरा हो चुका है और कई हिस्सों पर ट्रायल भी शुरू हो चुका है। दिल्ली के Akshardham से बागपत के खेकरा तक 32 किलोमीटर का हिस्सा ट्रायल के लिए खोल दिया गया है जहां वाहन तेज रफ्तार से दौड़ रहे हैं। इससे साफ है कि अब यह एक्सप्रेसवे जल्द ही आम लोगों के लिए पूरी तरह से खुलने वाला है।
ढाई घंटे में पूरी होगी दिल्ली से देहरादून की दूरी
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी तय करने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। अभी जहां यह सफर 5 से 6 घंटे में पूरा होता है वहीं एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद यह यात्रा सिर्फ 2.5 से 3 घंटे में पूरी हो सकेगी। इस हाईवे पर कारों की अधिकतम स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली से शुरू होकर बागपत बरौत शामली और सहारनपुर होते हुए देहरादून के असरौरी तक पहुंचेगा। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी बल्कि यात्रा भी ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक बनेगी।
एशिया का सबसे बड़ा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर और सुविधाएं
इस एक्सप्रेसवे की सबसे खास बात इसका 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है जो Rajaji National Park के ऊपर से गुजरता है। यह एशिया का सबसे बड़ा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर माना जा रहा है जहां नीचे जंगल में जानवर सुरक्षित रूप से घूम सकते हैं और ऊपर सड़क पर वाहन चलेंगे। इसके अलावा पूरे रास्ते में 16 एंट्री और एग्जिट पॉइंट बनाए गए हैं। हर 25 से 30 किलोमीटर पर रेस्ट एरिया रेस्टोरेंट और पार्किंग की सुविधा भी दी गई है। बिना फास्टैग के दिल्ली से देहरादून तक का टोल लगभग 500 रुपये रहने का अनुमान है। यह एक्सप्रेसवे आधुनिक सुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण का बेहतरीन उदाहरण बनकर उभर रहा है।

