पिछले कुछ दिनों से सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 14 मार्च को अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। कॉमेक्स यानी कमोडिटी एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार सोने की कीमत घटकर लगभग 5023 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। वहीं चांदी की कीमत भी गिरकर करीब 80.645 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई है। वैश्विक बाजार में आई इस गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। निवेशक और ज्वेलरी खरीदने वाले लोग लगातार बाजार पर नजर बनाए हुए हैं क्योंकि कीमतों में मामूली बदलाव भी खरीदारी के फैसले को प्रभावित करता है।
चांदी की कीमतों में भी आया बदलाव
अगर चांदी की कीमत की बात करें तो भारत के बड़े शहरों में इसके दाम में भी हल्का उतार चढ़ाव देखने को मिला है। दिल्ली मुंबई और कोलकाता में आज 10 ग्राम चांदी की कीमत लगभग 2750 रुपये के आसपास चल रही है। वहीं 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को करीब 27500 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। चेन्नई में चांदी का भाव थोड़ा ज्यादा है जहां 10 ग्राम चांदी करीब 2800 रुपये में बिक रही है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार चढ़ाव और डॉलर की स्थिति का सीधा असर चांदी की कीमतों पर पड़ता है। इसलिए निवेशक अक्सर वैश्विक संकेतों को ध्यान में रखकर ही खरीदारी का फैसला लेते हैं।

देश के प्रमुख शहरों में सोने के ताजा रेट
भारत के अलग अलग शहरों में सोने की कीमत में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है। दिल्ली में आज 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग 159810 रुपये प्रति 10 ग्राम है जबकि 22 कैरेट सोना करीब 146500 रुपये में मिल रहा है। मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोना करीब 159660 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास है। वहीं चेन्नई में सोने की कीमत कुछ अधिक है जहां 24 कैरेट सोना लगभग 161020 रुपये तक पहुंच गया है। लखनऊ पटना और अहमदाबाद जैसे शहरों में भी सोने की कीमत लगभग इसी स्तर पर बनी हुई है। निवेशकों के लिए यह जानकारी बेहद महत्वपूर्ण होती है क्योंकि अलग अलग शहरों में टैक्स और स्थानीय कारणों की वजह से कीमतों में हल्का अंतर देखने को मिलता है।
भारतीय संस्कृति में सोने का खास महत्व
भारत में सोना केवल एक कीमती धातु नहीं बल्कि परंपरा और भावनाओं से जुड़ा हुआ प्रतीक माना जाता है। शादी ब्याह त्योहार और खास अवसरों पर सोना खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। कई परिवारों में पीढ़ियों से सोना संभालकर रखने की परंपरा भी चली आ रही है। इसे आर्थिक सुरक्षा और समृद्धि का प्रतीक भी माना जाता है। ग्रामीण इलाकों से लेकर बड़े शहरों तक लोग सोने को एक भरोसेमंद निवेश के रूप में देखते हैं। जब भी आर्थिक अनिश्चितता या बाजार में अस्थिरता बढ़ती है तब निवेशक अक्सर सोने की ओर रुख करते हैं। यही वजह है कि भारत में सोना सिर्फ आभूषण नहीं बल्कि संस्कृति विश्वास और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा हुआ एक महत्वपूर्ण निवेश माना जाता है।

