विश्व की प्रमुख फाइनेंशियल सर्विस कंपनी मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) ने अपने वर्कफोर्स में बड़ी संख्या में छंटनी का ऐलान किया है। कंपनी ने बताया कि अपने कर्मचारियों का लगभग 3 प्रतिशत हिस्सा, यानी करीब 2500 लोग, इस प्रक्रिया से प्रभावित होंगे। एक सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि यह छंटनी इन्वेस्टमेंट बैंकिंग, ट्रेडिंग, वेल्थ मैनेजमेंट और इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट डिवीज़न में की जा रही है। हालांकि, फाइनेंशियल एडवाइजर विभाग पर इस छंटनी का कोई असर नहीं पड़ेगा।
मुनाफे के बावजूद क्यों हो रही छंटनी
हैरानी की बात यह है कि बैंक ने साल 2025 में रिकॉर्ड मुनाफा कमाया। सालाना रेवेन्यू अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचा और चौथी तिमाही का प्रॉफिट वॉल स्ट्रीट की उम्मीदों से बेहतर रहा। इन्वेस्टमेंट बैंकिंग में डीलमेकिंग बढ़ने और डेट अंडरराइटिंग फीस में लगभग दोगुनी वृद्धि के कारण रेवेन्यू में 47 प्रतिशत उछाल आया। 2026 में मर्जर, एक्विजिशन और इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग जैसी बड़ी डील्स होने की उम्मीद थी। ऐसे में छंटनी का फैसला कई लोगों के लिए समझ से परे है।

छंटनी की वजह और रणनीति
सूत्र के अनुसार इस बार की छंटनी स्ट्रैटेजी और व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर की गई है। मॉर्गन स्टेनली भविष्य में अन्य क्षेत्रों में नई भर्ती करने की योजना बना रहा है। इसका मतलब है कि कंपनी अपनी लोकेशन और रोल स्ट्रेटेजी में बदलाव कर रही है। पुराने रोल खत्म कर वहां नए कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी, जिनमें विकास और विकास की संभावना ज्यादा होगी। इस बार छंटनी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। दिसंबर के अंत में मॉर्गन स्टेनली की ग्लोबल वर्कफोर्स 82,992 थी।
बाजार और कर्मचारियों पर असर
इस छंटनी के फैसले से कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, वित्तीय क्षेत्र में यह कदम कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति और दक्षता सुधार की दिशा में उठाया गया है। जबकि निवेशकों के लिए बैंक के मुनाफे और रेवेन्यू में वृद्धि सकारात्मक संकेत है, कर्मचारियों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण है। इसके अलावा, बाजार पर भी मॉर्गन स्टेनली की इस नीति का असर देखा जाएगा, क्योंकि बड़े पैमाने पर छंटनी हमेशा फाइनेंशियल सेक्टर की छवि पर सवाल खड़े करती है।

