टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत-पाकिस्तान के मुकाबले को लेकर जो विवाद चल रहा है, उसके बीच पाकिस्तान का मीडिया भी सक्रिय हो गया है। पाकिस्तान के एक बड़े टीवी चैनल ARY News पर दावा किया गया कि ICC और BCCI के बड़े अधिकारी मुंबई में “इमरजेंसी मीटिंग” कर रहे हैं। उनका कहना था कि भारत-पाक मैच के न होने से ICC और ब्रॉडकास्टर्स को भारी आर्थिक नुकसान होगा, इसलिए तुरंत बैठक बुलाई गई है। इस दावे में कहा गया कि 20 से 40 मिलियन डॉलर तक का नुकसान हो सकता है। पत्रकार नुमान नियाज ने यहां तक कहा कि ICC चेयरमैन जय शाह और CEO संजोग गुप्ता मुंबई में मौजूद हैं और वे इस मामले को लेकर चिंतित हैं। इस चर्चा में ICC के नियमों का हवाला भी दिया गया और यह दिखाने की कोशिश की गई कि पाकिस्तान मजबूत स्थिति में है और ICC उस पर कोई कड़ी कार्रवाई नहीं करेगा।
असलियत से बड़ा फर्क, ICC अधिकारी मिलान में हुए व्यस्त
हालांकि, इस दावे की पूरी पोल जल्दी ही खुल गई। दरअसल, जय शाह और संजोग गुप्ता इस समय भारत में नहीं, बल्कि इटली के मिलान शहर में हैं। वहां वे इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) से जुड़ी महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल हुए। क्रिकेट जर्मनी ने सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें शेयर कर इस बात की पुष्टि की है। इन बैठकों में यूरोप के कई देशों जैसे जर्मनी, स्वीडन, डेनमार्क और जर्सी में क्रिकेट के विकास पर चर्चा हुई। यानी जिस “इमरजेंसी मीटिंग” की पाकिस्तान मीडिया ने बात की थी, उसका भारत-पाक मैच विवाद से कोई लेना-देना नहीं था। यह साबित करता है कि पाकिस्तान के दावे पूरी तरह तथ्यात्मक रूप से गलत थे और इन्हें किसी एजेंडा के तहत फैलाया गया।

पाकिस्तान मीडिया की रणनीति: दबाव बनाने की कोशिश
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान मीडिया जानबूझकर इस तरह की खबरें फैलाकर यह दिखाना चाहता है कि ICC और BCCI दबाव में हैं। यह एक कोशिश है यह जताने की कि भारत-पाक मैच से जुड़े विवाद में पाकिस्तान पक्ष मजबूत है। सच यह है कि भारत-पाक मुकाबला ICC के टूर्नामेंट्स में सबसे ज्यादा कमाई वाला मुकाबला होता है। लेकिन ICC के नियम स्पष्ट हैं कि हर टीम को टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए तय शर्तें माननी होती हैं। अगर कोई टीम जानबूझकर मैच से पीछे हटती है, तो उस पर भारी जुर्माना या प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इसलिए इस मामले में ICC सख्ती बरत सकता है और किसी को भी नियम से ऊपर नहीं छोड़ा जाएगा।
इतिहास गवाह: पहले भी आ चुकी हैं झूठी खबरें
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान मीडिया ने इस तरह के दावे किए हों। इससे पहले भी पाकिस्तान की ओर से कई बार “बैकडोर बातचीत” या “सीक्रेट डील” की खबरें आई हैं, जो बाद में गलत साबित हुईं। इन खबरों का मकसद केवल अपने पक्ष को मजबूत दिखाना होता है। इस बार भी मामला वैसा ही लग रहा है। क्रिकेट की दुनिया में भारत-पाक मुकाबले को लेकर हमेशा ही सनसनी रहती है, लेकिन तथ्य और खबरों की जाँच बहुत जरूरी है। ICC और BCCI नियमों के तहत ही कार्रवाई करते हैं और क्रिकेट प्रेमियों को अफवाहों में नहीं फंसना चाहिए।

