गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित ‘एट होम रिसेप्शन’ इस बार एक सियासी विवाद का केंद्र बन गया है। इस बार के कार्यक्रम की थीम उत्तर-पूर्वी राज्यों की सांस्कृतिक विरासत थी, जहां अधिकतर नेता पारंपरिक नॉर्थ-ईस्टर्न पटका पहनकर पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय मंत्री और विदेशी प्रतिनिधियों ने इस सांस्कृतिक सम्मान को दिखाया।
लेकिन कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने इस पारंपरिक पटका को नहीं पहना, जिसके कारण भाजपा ने उन पर निशाना साधा। भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि राष्ट्रपति ने राहुल गांधी को दो बार पटका पहनने की याद दिलाई थी, फिर भी उन्होंने इसे अनदेखा किया। मालवीय ने राहुल से बिना शर्त माफी की मांग की और इसे कांग्रेस की उत्तर-पूर्व के प्रति असंवेदनशीलता बताया।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी राहुल गांधी की आलोचना की और कहा कि इस तरह के रवैये से क्षेत्र की भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने राहुल की असंवेदनशीलता पर सवाल उठाए।
इस हमले के जवाब में कांग्रेस ने BJP पर दोहरे मापदंडों का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने तस्वीर साझा करते हुए कहा कि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी पटका नहीं पहन पाए थे, फिर भाजपा ने उन पर कोई टिप्पणी नहीं की। कांग्रेस का कहना है कि BJP इस विवाद को महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए उठा रही है।
यह विवाद देश के राजनीतिक परिदृश्य में नई बहस को जन्म दे रहा है, जहां सांस्कृतिक सम्मान और राजनीतिक राजनीति के बीच टकराव साफ नजर आ रहा है।

