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Monday, December 8, 2025
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SIR के कारण पश्चिम बंगाल में 39 मौतें, ममता सरकार ने परिवारों को 2 लाख रुपये की सहायता का ऐलान

देश के 12 राज्यों में फिलहाल विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया चल रही है। इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों ने लगातार विरोध किया है और संसद में भी इसे लेकर जमकर हंगामा हुआ है। SIR के चलते काम करने वाले कर्मचारियों की मौतों की भी खबरें सामने आई हैं। खासकर पश्चिम बंगाल में इस प्रक्रिया के कारण अब तक 39 लोगों की मौत की रिपोर्ट सामने आई है, जिससे मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा है। कोर्ट ने इस विवादित मुद्दे पर चुनाव आयोग से जवाब मांगा है।

पश्चिम बंगाल सरकार का मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता का फैसला

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने SIR के कारण हुई मौतों को लेकर गंभीरता दिखाते हुए मृतकों के परिवारों के लिए वित्तीय सहायता देने का ऐलान किया है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, जिन 13 अन्य लोगों को SIR के दौरान बीमार होने की जानकारी मिली है, उनके परिवारों को भी 1 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। इनमें तीन BLOs भी शामिल हैं जिन्हें अत्यधिक कार्यभार का सामना करना पड़ा।

SIR के कारण पश्चिम बंगाल में 39 मौतें, ममता सरकार ने परिवारों को 2 लाख रुपये की सहायता का ऐलान

SIR की वजह से भय और कई आत्महत्याएं

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया कि 4 नवंबर को शुरू हुए इस विशेष गहन पुनरीक्षण ने समाज के एक बड़े हिस्से में भय और घबराहट पैदा कर दी है। इसी डर के चलते कई आत्महत्या के मामले भी सामने आए हैं। ममता ने कहा कि कुल 39 आत्महत्या की घटनाएं अब तक रिपोर्ट हुई हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि जनता को कोई ऐसी दबावपूर्ण या जबरदस्ती वाली निर्देश न दिए जाएं जिससे आम लोगों को परेशानी हो।

ममता बनर्जी का SIR के प्रति विरोध और केंद्र सरकार पर आरोप

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने SIR के खिलाफ लगातार आवाज उठाई है। हाल ही में उन्होंने इस प्रक्रिया के विरोध में एक रैली भी आयोजित की। ममता ने सवाल उठाया कि क्या SIR को केवल बीजेपी शासित राज्यों में इसलिए लागू किया जा रहा है क्योंकि केंद्र सरकार मानती है कि वहां घुसपैठिए हैं। उन्होंने कहा कि अगर SIR को दो-तीन वर्षों के भीतर सभी राज्यों में समान रूप से लागू किया जाए तो वे इसे हर संभव संसाधन से समर्थन देंगी। उनका यह बयान केंद्र और बीजेपी पर सीधे निशाना साधता है।

जनता के हित में सरकार की जिम्मेदारी

ममता बनर्जी ने कहा कि सरकार और चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वे लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करें। जनता की सुविधा और सम्मान को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई प्रशासनिक अधिकारी जनहित के खिलाफ कोई कार्रवाई करता है तो राज्य सरकार उनके परिवारों की मदद करेगी। ममता का यह रुख चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करता है।

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