क्विक कॉमर्स सेक्टर की प्रमुख कंपनी जेप्टो (Zepto) अब अपना आईपीओ (Initial Public Offering) लाने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी ने अपने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से 11,000 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए मंजूरी प्राप्त कर ली है। यह आईपीओ फ्रेश इक्विटी इश्यू और ऑफर फॉर सेल का मिश्रण होगा। जेप्टो ने भारतीय मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास अपने आईपीओ के लिए ड्राफ्ट पेपर्स जमा कर दिए हैं। कंपनी का उद्देश्य अगले साल तक शेयर मार्केट में डेब्यू करना है। यह कदम क्विक कॉमर्स सेक्टर में जेप्टो की महत्वाकांक्षा और विस्तार की रणनीति को दर्शाता है।
कॉन्फिडेंशियल रूट से DRHP फाइलिंग
जेप्टो भारतीय स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होने वाली पहली स्टार्टअप कंपनी बन जाएगी। कंपनी ने कॉन्फिडेंशियल रूट का इस्तेमाल करते हुए SEBI और स्टॉक एक्सचेंज के पास प्री-फाइल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा कराया है। इस तरीके से कंपनी अपनी शुरुआती जानकारियों को सार्वजनिक किए बिना SEBI से फीडबैक प्राप्त कर सकती है और अपने स्तर पर तैयारी पूरी कर सकती है। हाल ही में जेप्टो ने अपने निवेशकों से 450 मिलियन डॉलर जुटाए, जिससे उसकी कुल फंडिंग 2.3 बिलियन डॉलर हो गई। यह तरीका हाई-ग्रोथ स्टार्टअप्स के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है क्योंकि यह IPO की तैयारी को तेज और सुरक्षित बनाता है।
IPO से जुड़ी प्रतियोगिता और बाजार में स्थिति
अगर Zepto का IPO सफलतापूर्वक लिस्ट हो जाता है, तो यह दूसरी लिस्टेड क्विक-कॉमर्स कंपनी बनेगी। इससे पहले Zomato (Blinkit के जरिए) और Swiggy (Instamart के जरिए) पहले से ही इंडियन एक्सचेंज पर ट्रेड कर रही हैं। Zomato की पैरेंट कंपनी Eternal ने 2021 में लिस्टिंग की थी, जबकि Swiggy ने नवंबर 2024 में डेब्यू किया था। चार साल पुरानी कंपनी जेप्टो ने 23 दिसंबर 2025 को हुई जनरल बोर्ड मीटिंग में अपने शेयरहोल्डर्स से IPO की मंजूरी प्राप्त की। इसके जरिए कंपनी का उद्देश्य न केवल पूंजी जुटाना है बल्कि मार्केट में अपनी पकड़ और ब्रांड की विश्वसनीयता को भी मजबूत करना है।
स्टार्टअप्स की बढ़ती लिस्टिंग कतार
साल 2025 में कई बड़ी स्टार्टअप्स ने IPO की तैयारी शुरू की थी और उम्मीद है कि साल 2026 भी आईपीओ के लिहाज से शानदार रहेगा। वर्तमान में फोनपे, फ्लिपकार्ट, शैडोफैक्स, शिपरोकेट और क्योरफूड्स जैसी कई कंपनियां पब्लिक होने के लिए कतार में हैं। जेप्टो की तरह ये स्टार्टअप्स भी निवेशकों को आकर्षित करने और देश में क्विक-कॉमर्स सेक्टर को और मजबूत बनाने के लिए अपनी रणनीति तैयार कर रही हैं। इसके साथ ही, भारतीय शेयर मार्केट में स्टार्टअप्स की भागीदारी बढ़ रही है, जिससे निवेशकों के लिए नए अवसर खुल रहे हैं।

