भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी PV Sindhu ने पेरिस में चल रही BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 में शानदार खेल दिखाते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। 28 अगस्त को खेले गए प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सिंधु ने चीन की वर्ल्ड नंबर-2 खिलाड़ी झी यी वांग को सीधे सेटों में हराकर सबको चौंका दिया। यह जीत खास है क्योंकि सिंधु ने यह खिताब साल 2019 में जीता था, और 2021 के बाद पहली बार वह क्वार्टर फाइनल तक पहुँची हैं। इस जीत ने न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया बल्कि भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों को भी गर्व से भर दिया।
झी यी वांग को नहीं दिया वापसी का मौका
मैच की शुरुआत से ही पीवी सिंधु आक्रामक अंदाज में खेलीं और उन्होंने झी यी वांग को वापसी करने का कोई मौका नहीं दिया। पहले सेट में सिंधु ने बेहतरीन रैलियाँ खेलते हुए 21-17 से जीत हासिल की। इसके बाद दूसरे सेट में उन्होंने अपने अनुभव और संयम का परिचय दिया और 21-15 से मुकाबला अपने नाम किया। इस जीत की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि झी यी वांग पिछले एक साल से शानदार फॉर्म में थीं। उन्होंने हाल ही में चाइना ओपन खिताब जीता था और पिछले सीजन में 6 फाइनल में जगह बनाई थी। ऐसे में सिंधु का यह प्रदर्शन बताता है कि वह बड़े टूर्नामेंटों में अब भी अपने खेल से किसी भी टॉप खिलाड़ी को चुनौती दे सकती हैं।
बिना सेट गंवाए पहुँची अंतिम-8 में
सिंधु का इस चैंपियनशिप में अब तक का प्रदर्शन बेहतरीन रहा है। उन्होंने टूर्नामेंट में तीन मुकाबले खेले हैं और खास बात यह है कि अभी तक उन्होंने एक भी सेट नहीं गंवाया है। यह आँकड़ा दर्शाता है कि सिंधु अपनी लय में हैं और कोर्ट पर आत्मविश्वास से भरी हुई हैं। उनकी स्मैशिंग और डिफेंस दोनों ही शानदार नजर आ रहे हैं। यही कारण है कि प्रतिद्वंदी खिलाड़ियों को उनके खिलाफ पॉइंट हासिल करने में काफी मुश्किलें आ रही हैं। इस लय और आत्मविश्वास को बनाए रखना उनके लिए बेहद जरूरी होगा क्योंकि आगे का सफर और भी चुनौतीपूर्ण होने वाला है।
क्वार्टर फाइनल में होगी बड़ी टक्कर
अब पीवी सिंधु का सामना 29 अगस्त को क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया की वर्ल्ड नंबर-9 खिलाड़ी कुसुमा वारदानी से होगा। आंकड़ों पर नजर डालें तो वारदानी इस साल बेहतरीन फॉर्म में रही हैं और उन्होंने अब तक 27 मुकाबले जीते हैं, जबकि सिंधु के खाते में इस साल केवल 9 जीतें ही दर्ज हैं। ऐसे में यह मुकाबला बेहद रोमांचक और कड़ा होने वाला है। हालांकि, सिंधु का अनुभव और बड़े मैचों में प्रदर्शन करने की क्षमता उन्हें मजबूत दावेदार बनाती है। अगर वह अपनी मौजूदा लय को बरकरार रख पाती हैं तो भारतीय प्रशंसकों को एक और ऐतिहासिक जीत देखने को मिल सकती है। सिंधु का सपना है कि वह एक बार फिर वर्ल्ड चैंपियनशिप खिताब अपने नाम करें और इस दिशा में उन्होंने पहला बड़ा कदम मजबूती से बढ़ा दिया है।